- चतरा जंगल में किशोरी का शव मिलने का खुलासा
- तीन लड़के और तीन लड़कियां गए थे जंगल
- पोर्न वीडियो दिखाकर संबंध बनाने की कोशिश
- विरोध करने पर किशोरी का गला घोंटकर पेड़ से लटकाया शव
- घटना में 5 नाबालिग निरूद्ध, भेजे गए बाल सुधार गृह
Chatra News: चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के जंगल में नाबालिग युवती की फांसी से लटकती मिली लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. किशोरी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया गया था, ताकि घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा सके. इस मामले में पुलिस ने पांच नाबालिग आरोपियों को निरुद्ध किया है. सभी आरोपी लावालौंग थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं.
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गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक बाल सुधार गृह भेज दिया गया है. पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि विगत 16 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि लावालौंग थाना क्षेत्र की एक नाबालिग युवती ने जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तो घटनास्थल और परिस्थितियां संदिग्ध प्रतीत हुईं. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए चतरा एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई.
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की, तो कई चौकाने वाले मामले सामने आए. नाबालिग प्रेमी जोड़े जंगल में मिलने की योजना बनाकर वहां पहुंचे थे. इनमें तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल थीं. पुलिस की जांच में सामने आया कि वहां मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने के बाद लड़कों ने वीडियो में दिखाए गए तरीके से संबंध बनाने की कोशिश की. इसी दौरान मृतका ने इसका विरोध किया और संबंध बनाने से इनकार करते हुए वहां से जाने लगी. मौके पर मौजूद तीन नाबालिग युवकों ने युवती को पकड़ लिया और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया. इसके बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई. घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटका दिया. पुलिस ने जांच के आधार पर इस मामले में तीन युवको समेत पांच नाबालिगों को निरुद्ध किया है.
एसपी अनिमेष नैथानी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें. बच्चे किन लोगों से मिलते हैं, कहां जाते हैं और इंटरनेट पर किस तरह की सामग्री देखते हैं, इसकी जानकारी रखें. उन्होंने मोबाइल के इंटरनेट ब्राउजर और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर भी निगरानी रखने की अपील की है. साथ ही कहा है कि अगर जरूरत ना हो तो बच्चों को सेपरेट मोबाइल किसी भी सूरत में ना दें. एसपी ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल, गलत संगति और अनुचित गतिविधियों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना जरूरी है.
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