- सरकारी संसाधन का दुरुपयोग और योजना क्रियान्वयन में मनमानी का लगाया गंभीर आरोप
- सरिता देवी की चेतावनी-कार्रवाई नहीं हुई तो उठाएंगी बड़ा कदम
Chatra News : जिले के इटखोरी प्रखंड की जिला परिषद सदस्य सरिता देवी ने जिला परिषद अध्यक्ष ममता कुमारी पर भ्रष्टाचार, दुर्व्यवहार और सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त रवि आनंद को पत्र सौंपकर मामले की जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है.
जिप सदस्य सरिता देवी ने कहा है कि वे इटखोरी प्रखंड की 65 हजार लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन अध्यक्ष ममता कुमारी के अड़ियल रवैये के कारण आज क्षेत्र का विकास पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है, जिससे जनप्रतिनिधियों के प्रति आम लोगों में विश्वास न सिर्फ लगातार घट रहा है, बल्कि आक्रोश भी पनप रहा है.

उपायुक्त को सौंपा पत्र

पत्र लिखकर जांच व कार्रवाई की मांग
15वें वित्त आयोग की राशि में अड़ंगा, फाइल बेवजह लौटाने का आरोप
इटखोरी जिला परिषद सदस्य सरिता देवी ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष द्वारा जानबूझकर 15वें वित्त आयोग की राशि से होने वाले छोटे रोड, पुल-पुलिया और नाली निर्माण कार्य समेत जनहित से जुड़े अन्य विकास कार्यों को रोका जा रहा है.
उन्होंने डीसी को सौंपे पत्र में कहा है कि उप विकास आयुक्त द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति मिलने और रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर किए जाने के बावजूद अध्यक्ष पिछले चार महीनों से फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर रही हैं. सिस्टम के तहत फाइलें भेजे जाने के बाद भी उन्हें बेवजह वापस लौटा दिया जा रहा है, जिससे लाभुकों और क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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सरकारी वाहन का निजी-पारिवारिक उपयोग करने का आरोप
शिकायत पत्र में अध्यक्ष पर सरकारी वाहन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है. जिप सदस्य सरिता देवी का कहना है कि चतरा जिला भ्रमण और विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए मिले सरकारी वाहन का उपयोग अध्यक्ष प्रतिदिन निजी रिश्तों, परिवारिक कार्य और बगैर अनुमति चतरा जिला मुख्यालय से बाहर हजारीबाग अप-डाउन करने के लिए कर रही हैं.
इसके लिए सरकार द्वारा अध्यक्ष को मिलने वाले ईंधन का दुरुपयोग हजारीबाग में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां आने-जाने में किया जा रहा है. वहीं जिला परिषद बोर्ड के खाते में वाहन मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने बेबुनियाद और अत्यधिक खर्च दिखाया जा रहा है.
पंचायती राज नियमावली का उल्लंघन और दुर्व्यवहार का आरोप
सदस्य का आरोप है कि चुनाव हुए 4 साल 6 महीने बीत जाने के बाद भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अध्यक्ष ने अबतक जिला परिषद बोर्ड की उप-समिति का गठन नहीं किया है. इतना ही नहीं अध्यक्ष द्वारा पंचायती राज नियमावली की सरेआम धज्जियां भी उड़ाई जा रही है.
आरोप लगाया गया है कि जब भी कोई सदस्य इस संबंध में बात करने कार्यालय जाता है, तो अध्यक्ष उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग और दुर्व्यवहार करती हैं. सरिता देवी ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा कदम उठाने को बाध्य होंगी.
आरोपों से नहीं पड़ता फर्क : ममता
हालांकि इस पूरे मामले में जिला परिषद अध्यक्ष ममता कुमारी ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता. जिला परिषद सदस्य, इटखोरी द्वारा उनपर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. यह आरोप पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि आरोप का क्या, आज मुझपर लग रहा है. कल किसी और पर लगेगा. जो सच है उसे कोई नहीं दबा सकता.

