Chatra: जिले में नशे के सौदागरों ने एक बार फिर पुलिस और वन विभाग की मुस्तैदी को चुनौती दी है. टंडवा प्रखंड के दक्षिणी वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुम्बी और बोरासिमर के घने जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है. सूत्रों की मानें तो सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर लहलहाती यह फसल अब कटाई के लिए पूरी तरह तैयार है.
दुर्गम इलाकों का फायदा उठा रहे तस्कर
तस्करों ने अफीम की खेती के लिए ऐसे दुर्गम रास्तों और घने जंगलों का चुनाव किया है, जहां आम लोगों आना जाना नामुमकिन है. बोरासिमर के सुदूर जंगली इलाकों में मीलों तक पोस्ते की सफेद और गुलाबी फूलों वाली फसल फैली हुई है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, तस्कर अब पौधों से दूध निकालकर अफीम बनाने की अंतिम प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में हैं.
‘तू डाल-डाल मैं पात-पात’
पुलिस लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई करती है. लेकिन ‘तू डाल-डाल मैं पात-पात’ वाली स्थिति हो गई है. जहां पुलिस की निगाह से बचने के लिए तस्कर ने ऐसा उपाय निकाला है कि पुलिस को पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़े. अफीम की यह खेती ऐसे इलाकों में की गई है. जहां पुलिस की गाड़ी तो दूर पुलिस को पैदल जाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी. इसी का तस्कर फायदा उठा रहे है. अब देखना यह है कि पुलिस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है या तस्कर यूं ही पुलिस को चुनौती पेश करते रहेंगे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment