Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

केंद्र प्रायोजित नारी अदालत की महिलाओं को सिर्फ वर्दी और बैज मिलेंगे

Ranchi : पंयाचतों में महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न आदि को निपटाने के लिए गठित की जाने वाली नारी अदालत की महिलाओं को किसी तरह का मानदेय नहीं मिलेगा. उन्हें सिर्फ दो साल में एक बार वर्दी और बैज के लिए सिर्फ 800 रुपये दिए जाएंगे. केंद्र प्रायोजित नारी अदालत में इस बात का प्रावधान किया गया है.

 

केंद्र प्रायोजित मिशन शक्ति योजना में नारी अदालत को एक नये हिस्सा के रूप में जोड़ा गया है. मिशन शक्ति योजना के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सहित अन्य कई तरह की योजना पहले से चल रही है. नारी अदालत के गठन का उद्देश्य महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न और अधिकारों में कटौती जैसी समस्याओं के स्थानीय स्तर पर हल करना है.

 

केंद्र सरकार ने झारखंड के 10 जिलों के 10 पंचायतों में नारी अदालत के गठन की स्वीकृति दी है. केंद्र सरकार द्वारा दी गयी स्वीकृति के आलोक में राज्य के रांची, पलामू, साहेबगंज, खूंटी, लोहरदगा, रामगढ़, गुमला, पश्चिम सिंहभूम, गिरिडीह और पूर्वी सिंहभूम जिले के एक-एक पंचायत में नारी अदालत का गठन होगा.

 

नारी अदालत में सदस्यों की संख्या 7-11 तक होगी. नारी अदालत में चुनी हुई महिलाओं के अलावा सामाजिक रूप से सम्मानित महिलाओं को शामिल किया जायेगा. नारी अदालत की महिला समूह अपने क्षेत्र की महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देगा और अधिकारों के प्रति जागरुक करेगा.

 

केंद्र सरकार इन्हें पंचायती राज मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और सूचना प्रावैधिकी मंत्रालय द्वारा संचालित सामान्य सेवा केंद्रों के सहयोग से लॉजिस्टिक सपोर्ट देगी.
 

नारी अदालत के गठन के लिए स्वीकृत पंचायत

जिला अंचल पंचायत
रांची नामकुम रामपुर
पलामू चैनपुर बसिया कला
साहेबगंज बरहेट बरहेट बाजार
खूंटी अड़की सिंदरी
लोहरदगा भंडरा भंडरा
रामगढ़ गोला गोला
गुमला सिसई लखिया
पश्चिम सिंहभूम नोआमुंडी किरीबुरू पश्चिम
गिरिडीह गांडेय मेनियाडीह
पूर्वी सिंहभूम घाटशिला कसीदा

 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही