Chatra :रसोई गैस की किल्लत से हर कोई परेशान है. हर शहर में सिलेंडर के साथ लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है. लोग आधी रात से ही लाइन लगाकर गैस मिलने का इंतजार कर रहे हैं. चतरा जिला भी इससे अछूता नहीं है. ऊपर से गैस एजेंसिय़ों की मनमानी ने उपभोक्ताओं की परेशानी को और बढ़ा दिया है. ईरान-ईजरायल-अमेरीका के बीच हो रही लड़ाई का हवाला देकर गैस की किल्लत की बात कही जा रही है. मगर सच्चाई ये है कि एजेंसियां खुलेआम सिलेंडर की कालाबाजारी कर रही हैं.

शहर और आसपास के इलाकों में उपभोक्ताओं से घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 2500 से 3000 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं. आरोप है कि बुकिंग कराने के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही, जबकि उनके मोबाइल पर कंपनी द्वारा डिलीवरी का मैसेज भेज दिया जा रहा है. इससे उपभोक्ता ठगा महसूस कर रहे हैं और एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाइक से आने वाले ग्राहकों को नजरअंदाज किया जा रहा है. वहीं कार से पहुंचने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है. इतना ही नहीं कुछ मामलों में कथित तौर पर गुप्त स्थानों से ऊंचे दाम पर सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है. डिलीवरी के बाद कार की डिक्की में छिपाकर सिलेंडर ले जाने जैसी शर्तें भी सामने आ रही हैं, जो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती हैं.
लोगों का यहां तक कहना है कि बड़े होटल और रेस्तरां में भी ब्लैक कर सिलेंडर खपाया जा रहा है. इसके लिए निजी स्थानों पर स्टॉक कर सिलेंडर रखा गया है. सिलेंडर की कमी बताकर दोगुने दाम लिए जा रहे हैं.
वहीं जिला प्रशासन ने गैस की किसी भी प्रकार की कमी से साफ इनकार किया है. उपायुक्त कीर्ति श्री जी और पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा है कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अनियमितता दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. फिलहाल उपभोक्ता राहत की उम्मीद में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment