Chatra : चतरा में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े प्रखंड समन्वयक व सामाजिक उत्प्रेरक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार विभागीय कार्यालय के समक्ष धरना दिया. उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. वर्षों से कार्यरत इन कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अचानक सेवा विस्तार नहीं देने का हवाला देकर कार्य से अलग कर दिया गया. उनके स्थान पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नई नियुक्तियां कर ली गईं.
धरना पर बैठे कर्मियों ने कहा कि वे वर्ष 2007 से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे थे. मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे. उनका कहना है कि कार्यपालक अभियंता ने यह कहकर उनकी सेवा समाप्त कर दी कि सरकार के पास राशि का अभाव है. लेकिन इसके तुरंत बाद बिना किसी सार्वजनिक विज्ञापन या पारदर्शी प्रक्रिया के एमएस अपटेड प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी के माध्यम से नई बहाली कर दी गई.
कर्मियों ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में जिला समन्वयक मंजीत कौशल की मिलीभगत से अपने चहेतों को नौकरी पर रखा गया. इनमें कई के पास आवश्यक योग्यता और अनुभव भी नहीं है. उन्होंने जिला प्रशासन व सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की. रना पर बैठे कर्मियों में नीरज कुमार, द्वारिका प्रसाद साहू, सुमन कुमार रवि, विवेकानंद गुप्ता, प्रदीप पासवान, मनोज कुमार गुप्ता, मुकेश साहू, अमित कुमार सिंह, गोपाल राम, अजय गुप्ता, शिवदयाल साहू समेत अन्य शामिल थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment