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चतरा :  भीषण गर्मी के बीच मंडरा रहा बिजली संकट का खतरा, उपभोक्ता रहें सतर्क!

  • ओवरलोड से चरमराई आपूर्ति व्यवस्था
  • ब्लैकआउट की आशंका से सदमे में सिस्टम..?
  • गैस की किल्लतों के बीच इंडक्शन की शहर में रिकार्ड बिक्री ने आपूर्ति प्रमंडल पर थोप दिया अप्रत्याशीत बोझ..!
  • लोगों से घरों के बाहर बिजली के खंभों पर लगे स्ट्रीट लाइट भी समय पर बुझाने कि अपील
  • मामूली लापरवाही से दिनभर होती है बिजली की बर्बादी..!

Chatra :  जिले में पड़ रही प्रचंड गर्मी और बढ़ती ऊर्जा खपत के बीच बिजली संकट गहराने लगा है. हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि यदि समय रहते उपभोक्ता नहीं संभले, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विद्युत संकट और ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

 

चतरा ग्रिड के फेल होने और सीमित आपूर्ति के कारण पहले से ही बिजली विभाग चुनौतियों से जूझ रहा है. विभाग के कर्मी और अधिकारी दबाव में है.

 

गर्मी में बिजली की खपत बढ़ी

दरअसल जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. ऐसे में एयर कंडीशनर, कूलर और इंडक्शन जैसे भारी-भरकम उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है. दूसरी ओर, गैस की किल्लत और कालाबाजारी की समस्या ने इंडक्शन चूल्हों की मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है.

 

स्थिति यह है कि लगभग हर घर में भोजन बनाने के लिए आज गैस के बजाय इंडक्शन का उपयोग हो रहा है, जिससे बिजली की खपत में अचानक भारी उछाल आया है.

 

बिजली खपत बढ़ने से कटौती का समय भी बढ़ा

जानकारी के अनुसार, चतरा जिले को प्रतिदिन लगभग 90 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में केवल 40 से 50 मेगावाट की ही आपूर्ति हो पा रही है. इस भारी अंतर के कारण बिजली कटौती का समय भी बढ़ गया है. पहले जहां 2 से 3 घंटे की कटौती होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 6 से 7 घंटे तक पहुंच गई है. ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी भयावह है.

 

उपभोक्ताओं से सतर्कता बरतने की अपील

इस संबंध में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता सत्यदेव कुमार ने बताया कि सीमित आपूर्ति के बावजूद रोटेशन सिस्टम के तहत सभी प्रखंडों के 16 सबस्टेशन के माध्यम से बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक बिजली की खपत सबसे अधिक होती है, जिससे ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है.

 

सहायक अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि इस समय एयर कंडीशनर को 24 से 26 डिग्री पर चलाएं और भारी उपकरणों का उपयोग एक साथ न करें. उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता थोड़ी सतर्कता बरतें और लोड प्रबंधन करें, तो बड़े संकट से बचा जा सकता है.

 

नहीं संभलें तो ब्लैकआउट की स्थिति हो सकती है उत्पन्न

सत्यदेव कुमार ने कहा कि अत्यधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर जलने, केबल खराब होने, लो वोल्टेज और फ्लक्चुएशन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो ब्लैकआउट जैसी गंभीर परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है.

 

ऐसे में जिले के हर उपभोक्ता की जिम्मेदारी बनती है कि वह जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग करे और ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता दे.

 

बढ़ती खपत के बीच आपूर्ति संतुलित रखना बड़ी चुनौती :  एसडीओ

एसडीओ ने कहा कि अत्यधिक लोड के कारण ग्रिड फेल होने की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसे विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर रिस्टोर कर लिया और जिले में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई.

 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सीमित संसाधनों और बढ़ती खपत के बीच आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखना बड़ी चुनौती बन गई है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर उपभोक्ता विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय नहीं देते, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है.

 

पीक आवर में अनावश्यक ना करें बिजली का इस्तेमाल 

एसडीओ ने कहा अत्यधिक लोड के कारण न सिर्फ ट्रांसफार्मर और केबल प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि ग्रिड पर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे पीक आवर में अनावश्यक बिजली उपकरणों का उपयोग कम करें, भारी उपकरणों को एक साथ चलाने से बचें और ऊर्जा संरक्षण को अपनाएं, ताकि जिले को संभावित बड़े बिजली संकट और ब्लैकआउट से बचाया जा सके.

 

एसडीओ ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि नगर परिषद द्वारा आपके घरों और आसपास के क्षेत्रों को रोशन करने के लिए बिजली के खंभों पर लगाए गए स्ट्रीट लाइट और हैलोजन का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें. उन्होंने कहा कि अहले सुबह होते ही इन लाइटों को हर हाल में बंद कर दें, ताकि अनावश्यक बिजली की बर्बादी रोकी जा सके.

 

उन्होंने ने चिंता जताते हुए कहा कि आम लोगों की लापरवाही के कारण शहर के कई इलाकों में सैकड़ों हैलोजन लाइट दिनभर जलती रहती हैं, जिससे बिजली की खपत बेवजह बढ़ती है और पहले से दबाव झेल रही आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.

 

एसडीओ ने कहा कि यदि लोग थोड़ी जागरूकता दिखाएं और समय पर स्ट्रीट लाइट बंद करें, तो इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पूरे शहर को संभावित बिजली संकट से बचाने में भी मदद मिलेगी.

 

 

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