Chatra: जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के जबड़ा कसारी मोड़ के पास एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है. जहां बे-लगाम टेलर वाहन ने कमलेश उरांव को कुचलकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया. सगली गांव निवासी कमलेश उरांव NTPC में ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा.
हादसा इतना भयावह था कि शव की हालत देखकर किसी का भी रूह कांप जाए. दुर्घटना में पूरा शरीर बुरी तरह कुचल गया था. घटना कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची मृतक की बेटी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. शव से लिपटकर परिवार की चीखें हर किसी की आंखें नम कर दी.
इस दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और चतरा-रांची मुख्य सड़क NH-22 को पूरी तरह जाम कर दिया. लोगों ने कहा कि ये कोई पहली घटना नहीं है. चतरा की सड़कों पर रोज बेगुनाहों का खून बह रहा है, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा. बावजूद हर बार वही कहानी-मौत, फिर सड़क जाम, फिर मुआवजे का झुनझुना और मामला खत्म! आखिर कब तक यूं ही लोगों की जान जाती रहेगी?
भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर लगाम लगाने और बाईपास सड़क बनाने की मांग सालों से हो रही है, लेकिन सिस्टम गहरी नींद में सोया हुआ है. घटनास्थल पर सिमरिया थाना पुलिस मौजूद है और जाम हटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सवाल वही है. क्या सिर्फ समझाने से मौतों का सिलसिला रुकेगा, या कभी कोई ठोस कदम भी उठाया जाएगा?
फिलहाल ग्रामीण मृतक के आश्रित को 15 लाख रुपया मुआवजा देने के साथ-साथ पब्लिक रोड से कोल ट्रांसपोर्टिंग बंद कराने की मांग पर अड़े हैं. सड़क जाम होने से कोल वाहनों के साथ साथ यात्री वाहनों का परिचालन पुरी तरह ठप है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment