Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा है कि झारखंड में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय आलीशान भवन बनाने पर दिखाई दे रही है.
मरांडी ने कहा कि राज्य के कई ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों का अभाव है. लोगों को मामूली इलाज के लिए भी दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करना पड़ता है. ऐसे हालात में मुख्यमंत्री के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य आवास बनाना कई सवाल खड़े करता है.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा होती है कि वे सादगी और जनसेवा की मिसाल पेश करें. लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जीवन और प्राथमिकताएं इसके उलट दिखाई देती हैं. मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की परवरिश राजा-रजवाड़ों जैसी रही है और यही वजह है कि जनता की समस्याओं से उनका जुड़ाव नहीं दिखता.
मरांडी ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के लिए घर के गहने तक बेचने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रही है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री के लिए 100 करोड़ रुपये का ‘शीशमहल’ बनाया जा रहा है.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की स्कॉलरशिप और बुजुर्गों की पेंशन में देरी की शिकायतें सामने आती रहती हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वे 100 करोड़ रुपये के इस भव्य आवास को कैसे जायज ठहराएं.
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