Ranchi : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में विभागीय सभागार में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई.
बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन, एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज और निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं सिद्धार्थ सान्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
बैठक में मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खर्च, पीएम-अभीम, टीबी मुक्त भारत अभियान, एनएचएम, ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक्स और आउटसोर्स बहाली जैसे विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई.
मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया. जिन पांच जिलों में सबसे कम राशि खर्च हुई है, उन्हें चिन्हित करते हुए शोकॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया.
15वें वित्त आयोग की राशि के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सिविल सर्जन उपायुक्त या उप विकास आयुक्त के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा करें और रिपोर्ट अपडेट करें.
सात दिनों के भीतर 50 प्रतिशत राशि खर्च करने और माह के अंत तक उपलब्ध राशि का कम से कम 50 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया. लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले जिलों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में जरूरत के अनुसार हैंड होल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि इसके लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी और आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तर से भी मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.
एनएचएम के तहत चल रहे एक माह के विशेष अभियान में सभी जरूरतमंदों की टीबी स्क्रीनिंग कराने और किसी को भी छूटने न देने पर विशेष जोर दिया गया. जिन जिलों में स्क्रीनिंग कम पाई गई, वहां तत्काल संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया.
एनएचएम की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली करने और जहां प्रक्रिया चल रही है, उसे जल्द पूरा कर रिपोर्ट अपडेट करने को कहा.
ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक्स की समीक्षा में जिलावार दवाओं की उपलब्धता का आकलन करने, सभी स्तरों पर दवा खरीद सुनिश्चित करने और दो दिनों के भीतर पोर्टल पर एंट्री करने का निर्देश दिया गया.
आउटसोर्स बहाली के विषय पर अपर सचिव ने संबंधित एजेंसियों के एग्रीमेंट की समीक्षा करने को कहा. अत्यधिक पुराने एग्रीमेंट को रिप्लेस करने के निर्देश दिए गए. हालांकि फिलहाल नई एजेंसी के चयन पर रोक लगाते हुए बताया गया कि विभाग नए टेंडर से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार कर रहा है.
बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया.
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