Patna: पटना में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य की मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने समीक्षा की. उन्होंने परियोजना में 6 साल की देरी पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया साथ ही संशोधित समय-सीमा के भीतर हर हाल में परियोजना पूरी करने को कहा.
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सीएस की बैठक में परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति, फंड की उपलब्धता, ट्रैफिक डायवर्जन और निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. सीएस ने डिपोजिट वर्क्स के तहत चल रहे कार्यों के लिए 1100 करोड़ का फंड निर्बाध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि धन की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित न हो.
बैठक में पटना मेट्रो के विभिन्न चरणों की नई समय-सीमा भी तय की गई है. कॉरिडोर-1 के मीठापुर से खेमनीचक तक 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड खंड को जून 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं कॉरिडोर-2 के राजेन्द्र नगर स्टेशन/मलाही पकड़ी रैंप से आकाशवाणी स्टेशन/पटना जंक्शन तक 8 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड खंड को वर्ष 2028 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जू स्टेशन के आस-पास प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान लोगों को कम से कम परेशनी हो. इसके लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक मार्शल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मुख्य सचिव ने विकास भवन और विद्युत स्टेशन निर्माण में बाधा बन रहे एसबीआई एटीएम, पुलिस बूथ, फलों की दुकानों और बाउंड्री वॉल जैसी संरंचनाओं को संबंधित विभागों के समन्वय से जल्द हटाने का भी निर्देश दिया.
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