Ranchi : झारखंड में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है. नेशनल हेल्थ मिशन झारखंड और सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट ने गुरुवार को निःशुल्क बाल हृदय उपचार के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस साझेदारी का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ हृदय उपचार सेवाएं प्रदान करना है.
यह सहयोग राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया है. समझौते के तहत पात्र बच्चों और उनके परिवारों को स्क्रीनिंग, इकोकार्डियोग्राफी, हृदय शल्य चिकित्सा, कैथेटर आधारित हस्तक्षेप, अस्पताल में भर्ती, भोजन, आवास और उपचार के बाद फॉलो-अप जैसी सभी आवश्यक सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क दी जाएंगी.
समझौता गैर-वित्तीय है और इसका मकसद राज्य के वंचित, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों तक जीवनरक्षक हृदय उपचार पहुंचाना है. इसमें किसी प्रकार का वित्तीय लेन-देन शामिल नहीं है.
यह कार्यक्रम झारखंड के 11 जिलों में लागू होगा जिनमें रामगढ़, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, बोकारो, धनबाद और रांची शामिल हैं. यह पहल पहले से संचालित “नन्हा सा दिल” CHD स्क्रीनिंग कार्यक्रम को और मजबूत बनाएगी.
झारखंड में अब तक 1,055 स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए हैं. 97,574 बच्चों की जांच की गई और 550 बच्चों का जीवनरक्षक हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया.
इस अवसर पर नेशनल हेल्थ मिशन झारखंड और सत्य साई ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से डॉ विजय किशोर रजक, अनीमा किस्कू, रितेश कुमार गुप्ता और मुकेश कुमार उपस्थित थे.
सत्य साई ट्रस्ट की ओर से रवि किरण श्रीपदा और सौम्या जंध्याला, तथा सत्य साई संजीवनी अस्पताल जमशेदपुर की ओर से राजशेखर शिवालेन्का, डॉ कुंदन कुमार सिंह और गौरव दत्ता उपस्थित थे.
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