Search

 
 
 

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, स्कूल वैन परिचालन नीति पर सख्ती जरूरी

रांची में बीते दिन चार वर्षीय स्कूली बच्ची से छेड़खानी की घटना के बाद स्कूल वैन के परिचालन नीतियों पर सवाल उठने लगे है. हालांकि प्रशासन ने ड्राइवरों के चरित्र प्रमाण पत्र और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा परिचालन नीति में कई ऐसी खामियां हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.
 
  • छेड़खानी की घटना के बाद परिवहन व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
  • कागजी नियमों से आगे बढ़कर जमीनी निगरानी और जवाबदेही की मांग

Ranchi : रांची में बीते दिन चार वर्षीय स्कूली बच्ची से छेड़खानी की घटना के बाद स्कूल वैन के परिचालन नीतियों पर सवाल उठने लगे है. हालांकि प्रशासन ने ड्राइवरों के चरित्र प्रमाण पत्र और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा परिचालन नीति में कई ऐसी खामियां हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. 

 

नियमित मॉनिटरिंग की कमी

नियम के मुताबिक स्कूल वाहनों के लिए ड्राइवर का पुलिस वेरिफिकेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, ड्राइवरों का चरित्र सत्यापन और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है. लेकिन सबसे बड़ी कमजोरी नियमित मॉनिटरिंग की कमी है.

 

एक बार वाहन और चालक को अनुमति मिल जाने के बाद उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की व्यवस्था मजबूत नहीं है. इससे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन लंबे समय तक अनदेखा रह जाता है. 

 

जवाबदेही तय नहीं

दूसरा अहम मुद्दा जवाबदेही का है. कई स्कूल निजी वैन ऑपरेटरों पर निर्भर हैं, जिससे किसी घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है. अक्सर स्कूल प्रशासन यह कहकर बच जाता है कि वैन निजी है. जीपीएस ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरा और महिला अटेंडेंट की उपस्थिति का अनुपालन हर वाहन में सुनिश्चित नहीं हो पाता. 

 

सख्ती से हो पालन

प्रशासन अब स्कूल वैन चालकों का डेटा बेस तैयार करने, नियमित जांच अभियान चलाने और सुरक्षा मानकों के पालन को सख्ती से लागू करने की दिशा में काम कर रहा है. साथ ही, अभिभावकों की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है, ताकि वे बच्चों की आवाजाही पर नजर रख सकें.

 

अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वैन परिचालन नीति को प्रभावी बनाने के लिए सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन और लगातार समीक्षा जरूरी है. बच्चों की सुरक्षा के लिए नीति में सुधार और उसके क्रियान्वयन दोनों पर समान रूप से ध्यान देना होगा.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही