Lagatar desk : साउथ के सुपरस्टार चिरंजीवी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं. इस बार मामला फिल्म इंडस्ट्री में मौजूद कास्टिंग काउच जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा है. उनके हालिया बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और कई यूजर्स उन पर विक्टिम ब्लेमिंग के आरोप लगा रहे हैं.
चिरंजीवी इन दिनों अपनी फिल्म ‘माना शंकर वराप्रसाद गारू’ को लेकर सुर्खियों में हैं. इससे पहले वंशवाद पर दिए गए बयान को लेकर आलोचना झेल चुके एक्टर अब एक नए विवाद में फंस गए हैं.
कास्टिंग काउच पर क्या बोले चिरंजीवी
हाल ही में अपनी फिल्म की सक्सेस मीट के दौरान जब चिरंजीवी से इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे व्यक्ति के व्यवहार और चुनाव से जोड़ दिया.चिरंजीवी ने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना एक दर्पण से करते हुए कहा -यह इंडस्ट्री एक शीशे की तरह है. आप जैसा व्यवहार करते हैं, वैसा ही आपको वापस मिलता है. अगर आप प्रोफेशनल हैं और अपनी सीमाएं जानते हैं, तो कोई आपका फायदा नहीं उठा सकता.
मेगास्टार ने यहां तक कह दिया कि इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच जैसी कोई स्थापित व्यवस्था नहीं है. उनके मुताबिक, अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है, तो उसमें कहीं न कहीं उस व्यक्ति की कमजोरी या गलती भी शामिल होती है. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी ईमानदारी पर अडिग रहते हैं, उनके साथ कोई गलत व्यवहार करने की हिम्मत नहीं कर सकता.
परिवार का उदाहरण देकर और बढ़ा विवाद
अपनी बात को सही ठहराने के लिए चिरंजीवी ने अपने परिवार का उदाहरण दिया. उन्होंने अपनी बेटी सुष्मिता कोनिडेला और निर्माता अश्विनी दत्त की बेटियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन महिलाओं को इंडस्ट्री में कभी ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि उनका व्यवहार प्रोफेशनल रहा.
यहीं से विवाद और गहरा गया. आलोचकों का कहना है कि एक ताकतवर फिल्मी परिवार से आने वाली महिलाओं और आउटसाइडर कलाकारों के संघर्ष और सुरक्षा की तुलना करना पूरी तरह गलत है.
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
चिरंजीवी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नाराज़गी देखने को मिल रही है. कई यूजर्स ने इसे सीधे तौर पर पीड़ित को दोष देने वाला बयान बताया.एक यूजर ने लिखा -सिर्फ इसलिए कि आपके परिवार के साथ ऐसा नहीं हुआ, इसका मतलब यह नहीं कि इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच होता ही नहीं है.
वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की -शक्तिशाली लोग अक्सर सिस्टम की खामियों पर बात करने के बजाय संघर्ष करने वालों के चरित्र पर सवाल उठाते हैं.फिलहाल, चिरंजीवी की ओर से इस विवाद पर कोई सफाई सामने नहीं आया है, लेकिन उनका यह बयान फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच जैसे गंभीर मुद्दे पर एक नई बहस जरूर छेड़ चुका है.
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