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JPSC नियुक्ति घोटाले में बड़ी मछलियों तक पहुंची CID, TDPL के पीछे किसका हाथ, अब तीन आयोग सदस्यों से पूछताछ

JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच अब उस मुकाम पर पहुंचती दिख रही है, जहां CID की जांच का दायरा परीक्षा में कथित गड़बड़ी करने वाले लोगों से आगे बढ़कर उसके पीछे मौजूद प्रभावशाली लोगों तक पहुंच रहा है.
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अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की सांकेतिक तस्वीर.
  • JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच
  • तीन JPSC सदस्यों को समन
  • TDPL निदेशक और पूर्व अध्यक्ष से पहले हो चुकी पूछताछ

Ranchi: JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच अब उस मुकाम पर पहुंचती दिख रही है, जहां CID की जांच का दायरा परीक्षा में कथित गड़बड़ी करने वाले लोगों से आगे बढ़कर उसके पीछे मौजूद प्रभावशाली लोगों तक पहुंच रहा है. अब तक की पूछताछ और गिरफ्तारियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच एजेंसी TDPL की भूमिका और उसके कथित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है.

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जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, JPSC परीक्षा का काम संभालने वाली एजेंसी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम करने वाले अभय तिवारी की भूमिका पहले से ही जांच के केंद्र में है. CID अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अभय तिवारी अपने स्तर पर पूरी गतिविधियां संचालित कर रहा था या उसके पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण और निर्देश था.

 

सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह जानकारी सामने आई है कि TDPL ने झारखंड के एक रसूखदार व्यक्ति को कथित तौर पर अपना पार्टनर बनाया था. आरोप है कि इसी व्यक्ति के स्तर से नीचे के लोगों को निर्देश दिए जाते थे. CID अब इन दावों की पुष्टि के लिए दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, फोन संपर्क और आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारियों को आपस में जोड़ रही है.

 

इसी जांच के तहत CID ने JPSC की तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. तीनों सदस्यों से सोमवार से अलग-अलग पूछताछ की जाएगी. CID परीक्षा प्रक्रिया में उनकी भूमिका, निर्णय लेने की प्रक्रिया और परीक्षा एजेंसी से जुड़े संपर्कों को लेकर जानकारी हासिल करेगी.

 

मामले में TDPL के निदेशक और JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते से CID पहले ही पूछताछ कर चुकी है. अब आयोग के तीन सदस्यों से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश करेगी कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला कहां से शुरू हुई और इसका संचालन किस स्तर तक किया गया.

 

CID की जांच अब गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं रह गई है. एजेंसी कथित तौर पर सामने आए संपर्कों और पैसों के लेनदेन समेत उन सभी कड़ियों को खंगाल रही है, जिनसे यह पता चल सके कि JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे वास्तविक तौर पर कौन-कौन लोग सक्रिय थे.

 

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