- आयोग के सदस्यों को नोटिस, पूछताछ की तैयारी
- करीब 2000 OMR शीट CID के पास पहुंची
- तीन अधिकारियों को अलग-अलग तारीख पर बुलाया
Ranchi: 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID की कार्रवाई में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं. जांच के दौरान गिरफ्तार 19 आरोपियों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के यहां कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करने वाला धर्मेंद्र और परीक्षा से जुड़ी निजी एजेंसी TDPL के लेखापाल रक्षक सिंह भी शामिल हैं. दोनों से प्रारंभिक पूछताछ में CID को परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से जुड़े कई अहम इनपुट मिले हैं.
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जांच में सामने आया है कि दोनों की भूमिका JPSC के कंप्यूटर डेटा और OMR शीट से जुड़े कामों में थी. CID को ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि दोनों को परीक्षा प्रक्रिया में हो रही कथित गड़बड़ियों की जानकारी थी. आरोप है कि दोनों अभ्यर्थियों के संपर्क में भी थे. CID ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं. फोन पर हुई बातचीत, संपर्क और अन्य डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है.
धर्मेंद्र और रक्षक सिंह से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर CID ने JPSC के कुछ सदस्यों को भी नोटिस जारी किया है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी किस स्तर तक हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों का सत्यापन भी किया जा रहा है.
इधर, 14वीं JPSC परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की ओर से करीब दो हजार OMR शीट CID को उपलब्ध कराई गई हैं. जांच अधिकारी इन OMR शीट की पहले से जांच कर रहे हैं. जांच के दौरान संदिग्ध पाई जाने वाली OMR शीट को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी है. इससे OMR में किसी तरह की छेड़छाड़ या बदलाव किए जाने की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है.
CID ने मामले में अजीता भट्टाचार्य को 10 अगस्त, अनीमा हांसदा को 12 अगस्त और जमाल अहमद को 14 अगस्त को CID कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. इनसे परीक्षा से संबंधित मामलों में पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और OMR तथा डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां खंगाल रही है.
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