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JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID का शिकंजा, रांची-हजारीबाग के कोचिंग संस्थानों में छापेमारी

Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने रविवार को जांच का दायरा और बढ़ा दिया.
 
अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की सांकेतिक तस्वीर.

Ranchi News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने रविवार को जांच का दायरा और बढ़ा दिया. जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने रांची और हजारीबाग में कोचिंग संस्थानों तथा उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की. इस दौरान कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की गई. जांच से जुड़े अधिकारियों ने जरूरी साक्ष्यों को भी अपने कब्जे में लिया है.

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यह कार्रवाई CID कांड संख्या 16/2026 के तहत चल रही जांच का हिस्सा बताई जा रही है. जांच एजेंसी अब परीक्षा से जुड़े संभावित नेटवर्क, अभ्यर्थियों और कोचिंग संस्थानों के बीच संपर्क तथा परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है.

 

रांची में CID की टीम ने लालपुर इलाके में संचालित ‘शिवांगन की पाठशाला’ में छापेमारी की. टीम ने संस्थान में मौजूद विभिन्न रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य कागजात की बारीकी से जांच की. जांच के दौरान मिले दस्तावेजों को केस से जुड़े तथ्यों के आधार पर खंगाला गया.

 

इसके बाद जांच टीम ने कोचिंग संस्थान के निदेशक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास पर भी कार्रवाई की. आवास से मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच करते हुए टीम ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए.

 

इधर, CID की दूसरी टीम हजारीबाग पहुंची. वहां मेघा कोचिंग सेंटर में जांच की गई. टीम ने संस्थान से संबंधित कागजात और रिकॉर्ड को खंगाला. जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण दस्तावेजों को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया गया है.

 

CID अब दोनों जिलों में हुई कार्रवाई से मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का मिलान पहले से जुटाई गई जानकारी से करेगी. अधिकारियों की नजर परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों पर भी है.

 

JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच पहले से ही CID के स्तर पर चल रही है. अब कोचिंग संस्थानों तक जांच पहुंचने से इस मामले में जुड़े संभावित संपर्कों और लेनदेन समेत कई पहलुओं की पड़ताल तेज होने की संभावना है. हालांकि, छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री में से क्या-क्या जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण पाया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है.

 

CID की कार्रवाई के बाद अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल अथवा अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

 

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