Ranchi News: CISCE नेशनल हॉकी चैंपियनशिप 2026-27 का शुभारंभ गुरुवार को मोरहाबादी के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हुआ. तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न CISCE क्षेत्रों से आईं बालिका हॉकी खिलाड़ी U-14, U-17 और U-19 वर्ग में हिस्सा ले रही हैं. प्रतियोगिता के पहले दिन पिच-2 पर बालिका वर्ग में कई मुकाबले खेले गए.
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झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. इस दौरान CISCE से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्य, खेल पदाधिकारी, शिक्षक, प्रशिक्षक और अन्य अतिथि मौजूद रहे.
मंत्री नेहा तिर्की ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि खेल बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करता है.
उन्होंने खिलाड़ियों से पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने तथा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चे सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि खेल के मैदान से भी सीखें और आगे बढ़कर देश का नाम रोशन करें.
उपलब्ध परिणाम इस प्रकार रहे:
U-19: तमिलनाडु, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार बनाम ओडिशा — ओडिशा ने 3-0 से जीत दर्ज की.
U-14: नॉर्थ वेस्ट बनाम तमिलनाडु-पुडुचेरी — नॉर्थ वेस्ट ने 4-1 से जीत दर्ज की.
U-17: उत्तर प्रदेश बनाम पश्चिम बंगाल — उत्तर प्रदेश ने 11-0 से जीत दर्ज की.
U-19: नॉर्थ वेस्ट बनाम ओडिशा — नॉर्थ वेस्ट ने 1-0 से जीत दर्ज की.
U-14: नॉर्थ वेस्ट बनाम महाराष्ट्र — नॉर्थ वेस्ट ने 3-0 से जीत दर्ज की.
U-14: आंध्र प्रदेश-तेलंगाना बनाम तमिलनाडु-पुडुचेरी-अंडमान एवं निकोबार — तमिलनाडु-पुडुचेरी-अंडमान एवं निकोबार ने 3-0 से जीत दर्ज की.
U-17: कर्नाटक एवं गोवा बनाम पश्चिम बंगाल — कर्नाटक एवं गोवा ने 11-0 से जीत दर्ज की.
U-17: नॉर्थ वेस्ट बनाम एपी-तेलंगाना — मुकाबला 7-0 के स्कोर पर समाप्त हुआ.
पहले दिन मैदान पर खिलाड़ियों ने तेज गति, शानदार तकनीक, रणनीति और टीमवर्क का प्रदर्शन किया. मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक रहा.
CISCE नेशनल हॉकी चैंपियनशिप युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच दे रही है. प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को खेल कौशल के साथ अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क, आत्मविश्वास और खेल भावना सीखने का अवसर मिल रहा है.
सेंट जेवियर्स स्कूल, डोरंडा के प्रधानाचार्य फादर फुलदेव सोरेंग, S.J. ने कहा कि इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी विद्यालय के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, संघर्ष, सहयोग और उत्कृष्टता का पाठ भी सिखाता है. उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं.
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