Hazaribagh News : अवैध कोयला कारोबार के बारे में पता लगाने के लिए सीआईएसएफ द्वारा ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया जा रहा है. ड्रोन कैमरे की मदद से अवैध उत्खनन और अवैध कोयला के भंडारण के बारे में पहले पता लगाया जाता है, फिर सीआईएसएफ के जवान छापेमारी करने के लिए निकलते हैं.
यह जानकारी सीआईएसएफ ने हजारीबाग के बड़कागांव के तीन गांव में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ हुई छापेमारी की जानकारी देने के लिए जारी प्रेस बयान में दी है.
उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त को सीआईएसएफ ने बड़कागांव थाना क्षेत्र के जोराकाट, चपरी व सेहंदा गांव में छापेमारी की थी. तीनों गांव जंगल के बीच बसा हुआ है. तीनों गांव में छापेमारी के दौरान सीआईएसएफ ने 256.71 टन अवैध कोयला जब्त किया. जब्त कोयला को सुरक्षित जगह पर रखा गया है.
जारी प्रेस बयान के मुताबिक छापेमारी का नेतृत्व वरिष्ठ कमांडेंट विवेक शर्मा, उप कमांडेंट सुरेश, सहायक कमांडेंट संजीव कुमार मीणा कर रहे थे. छापेमारी में 100 से अधिक जवानों को शामिल किया गया था.
सीआईएसएफ के मुताबिक छापेमारी व अवैध कोयला जब्ती के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल थे. किन-किन लोगों का संरक्षण था. सूत्रों के मुताबिक सीआईएसएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अवैध कोयला कारोबार में स्थानीय पुलिस- प्रशासन और फॉरेस्ट विभाग की क्या भूमिका थी.
सीआईएसएफ ने यह भी स्पष्ट किया है कि हजारीबाग क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा. अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के संदिग्ध गतिविधियों वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाएगी और अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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