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खत्म हुआ जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन, सरकार ने मानी सभी मांगें, दो दिन में लिखित गारंटी

शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंत पर जश्न का माहौल बन गया. इसी बीच सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ  कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में  चल रही बातचीत खत्म हो गयी. बातचीत में सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है.
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Lagatar Desk: शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंत पर जश्न का माहौल बन गया. इसी बीच सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ  कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में  चल रही बातचीत खत्म हो गयी. बातचीत में सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है. जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने भी जंतर-मंतर पर चल रहा धरना खत्म करने का एलान कर दिया है. सीजेपी की ओर से छात्रों को घर लौट जाने को कहा गया है.

आंदोलन समाप्त करने की अपील के साथ ही दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने आंदोलनकारियों से अपील की. कहा कि सभी से अपील है कि आंदोलन खत्म हो गया गया है, सरकार से बातचीत सफल रही. इसलिए सभी शांतिपूर्वक जंतर-मंतर खाली करके अपने घर को लौट जाएं.


सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने पीसी कर कहा है कि सरकार के साथ अपनी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बन गयी है, जिससे तत्काल प्रभाव से इस आंदोलन को खत्म किया जाता है.


सरकार के साथ तीसरे दौर की हुई वार्ता के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया, जिसमें सीजेपी की ओर से कहा गया कि आंदोलन शुरू होने से पहले जो उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं, उसे मान लिया गया है.

 

सीजेपी की ओर से बताया गया कि तीन मांगों में सबसे पहला शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा था,जो उन्होंने दे दिया. पीसी में सौरभ दास ने कहा कि हमारी दूसरी मांग ये थी कि आंदोलनकारियों के खिलाफ जो भी मामले दर्ज हैं ,उन सभी को वापस लिया जाए. जिसपर सरकार ने अपनी सहमति दे दी है.

इससे आगे कहा कि जिन-जिन राज्यों में भाजपा या उसके गठबंधन की सरकारें हैं, वहां जिन भी आंदोलनकारी छात्रों पर  एफआईआर दर्ज किए गए हैं, उसे भी वापस लिया जाए और भविष्य में भी उनपर इससे संबंधित कोई कार्रवाई ना हो, साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के जो सदस्य हैं, उनके खिलाफ भी कोई एक्शन नहीं होगा.

 

इस बारे में आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार मंगलवार तक इसपर अपनी गारंटी लिखित में देगी. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान जो भी घायल लोग थे उनके लिए 1 करोड़ रुपया मुआवजे की मांग की गयी थी, उसपर भी सहमति बन गई है. सीजेपी के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने हमारी ओर से रखी गयी सभी प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है, इस वजह से हम इस आंदोलन को वापस लेते हैं.

 

वहीं इसे लेकर जेपी नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों की ओर से चार सूत्रीय लिखित मांग सरकार को दिया गया था. नड्डा ने बताया कि इसमें - सभी राज्यों में छात्रों पर दर्ज एफआईआर को वापास लेने सहित नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने के अलावा शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सीजेपी से बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति भी बनी है. नड्डा ने बताया कि आंदोलनकारियों की ओर से चार्टर का अध्ययन को लेकर सौंपे गये मसौदे पर बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है. 

 

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