Jamtara : स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र जामताड़ा का सदर अस्पताल इन दिनों इलाज से ज्यादा सवालों के लिए चर्चा में है. जिस अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए मंत्री ने पूरे राज्य के सिविल सर्जनों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, वहीं उनके अपने जिले का अस्पताल गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है.
बुधवार रात इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे दो मरीजों की में मौत हो गई. जबकि सांप काटने से पीड़ित एक युवती को धनबाद रेफर किया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया. मृतकों के परिजनों का आरोप है कि पूरी रात मरीज तड़पते रहे. लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वार्ड तक नहीं पहुंचे.
उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज होता, तो शायद जान बचाई जा सकती थी. मृतकों में चापड़िया निवासी मुन्ना मोहाली (25 वर्षीय), चंद्रदीपा निवासी बाबूलाल मरांडी (45 वर्षीय) और मंडलों निवासी पार्वती दास (25 वर्षीय) शामिल हैं.
दूसरी तरफ इमरजेंसी वॉर्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ए.पी.एन. देव ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि मुन्ना मोहाली और बाबूलाल मरांडी की हालत अस्पताल पहुंचने से पहले ही बेहद गंभीर थी, इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका. वहीं पार्वती दास के मामले में उन्होंने जानकारी नहीं होने की बात कही.

भाजपा नेत्री बबिता झा
इधर भाजपा नेत्री बबीता झा ने स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सदर अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी.
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