Deoghar News: झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) में बंद औद्योगिक इकाई को चालू दिखाने के लिए कथित रूप से फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने का मामला सामने आया है. इस मामले में क्षेत्रीय उपनिदेशक दीपमाला की शिकायत पर जसीडीह थाने में पीयूष कुमार शील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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शिकायत के मुताबिक, झारखंड एग्रो इंडस्ट्रीज नामक औद्योगिक इकाई बंद है. इसके बावजूद इकाई को उत्पादन में चालू दिखाने के लिए यूनिट इन प्रोडक्शन प्रमाण-पत्र तैयार करने का आरोप लगाया गया है. बताया गया है कि 15 अक्टूबर को इस प्रमाण-पत्र को जारी करने से इनकार कर दिया गया था. इसके बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर अपने स्तर से प्रमाण-पत्र तैयार किया और उस पर क्षेत्रीय उपनिदेशक के जाली हस्ताक्षर कर दिए.
कार्यालय के दस्तावेजों के दुरुपयोग का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रमाण-पत्र तैयार करने के लिए कार्यालय के पत्रांक का भी इस्तेमाल किया गया. आवेदन में कंप्यूटर ऑपरेटर चंदन कुमार और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी राजेश कुमार के सामने दस्तावेज तैयार किए जाने का उल्लेख है. साथ ही, अधिकारियों पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने का अनुरोध किया है.
रिसॉर्ट के दस्तावेजों पर भी उठे सवाल
मामले में शारदा मिनी रिसॉर्ट से जुड़े दस्तावेजों का मुद्दा भी उठाया गया है. शिकायत के अनुसार, पूर्व क्षेत्रीय उपनिदेशक के कथित फर्जी हस्ताक्षर से रिसॉर्ट के लिए पजेशन सर्टिफिकेट और लीजहोल्ड राइट ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी किए जाने का आरोप है. आवेदन में कहा गया है कि पहले मौखिक चेतावनी दिए जाने के बावजूद कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी.
क्षेत्रीय उपनिदेशक ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है.
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