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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटा, मचैल माता मंदिर के पास लगे टैंट बहे, 40 लोगों की मौत, 200 से अधिक लापता

New Delhi  : किश्तवाड़ जिले(जम्मू-कश्मीर)के पड्डर स्थित चिशोती गांव में मचैल माता मंदिर के पास आज बादल फटने की घटना घटी. इससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये. इस घटना में भारी संख्या में लोगों के जाने की खबर आ रही है. सैकड़ों लोग लापता बताये जा रहे हैं.

 

 

 

 

 

लगभग 15 दिनों से किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी और डोडा जैसे पहाड़ी जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. सूत्रों के अनुसार बादल फटने की घटना तब घटी. जब हजारों श्रद्धालु  मंदिर के बाहर लंगर के लिए लगाये गये टेंट में मौजूद थे. कई लोग तेज बाढ़ के कारण पानी में बह गये. इनमें बच्चे भी शामिल थे.

 

 

तेज बहाव के कारण नदी किनारे खड़े किये गये वाहन सहित सामान भी बहने लगे.  स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर  कहा कि इस हादसे में  कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी है. हालांकि  धीरे- धीरे स्थिति साफ होने लगी है.  अब खबर आयी है कि हादसे में CISF के दो जवान सहित 40  लोगों की मौत हो गयी है. उनके शव मिल गये हैं. 120 से अधिक लोग घायल हैं.  200 से अधिक लोग लापता हैं, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, 

 

 
 गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव अभियान चला रहा है. एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गयी हैं. हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं. जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.

 
 


मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, अभी-अभी जम्मू-कश्मीर के LoP और  विधायक सुनील कुमार शर्मा से मिली जानकारी के बाद मैंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की. उन्होंने चिशोती इलाके में बादल फटने से भारी जनहानि की आशंका जताई.

 

 

कहा कि प्रशासन के अधिकारी बचाव दल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गये हैं. मंत्री ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है.  

 


 जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चिशोती किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की,

 

 

कहा कि सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को बचाव और राहत अभियान को मजबूत करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है. 

 


पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि पहाड़ों के भीतर स्थित यह बहुत बड़ा गांव है. यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं. इसके अलावा वहां वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी जमा थे.

 

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