Ranchi: राज्य में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस को 1485 आधुनिक वाहन सौंपा है. मुख्यमंत्री ने इन सभी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाले 12 नए थानों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया. उन्होंने रिमोट बटन दबाकर नए थानों की आधारशिला रखी.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार सजग है और हर दिशा में काम कर रही है. शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शांति, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस की है. इन्हें सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक वाहन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा.

उन्होंने कहा कि नए वाहनों की उपलब्धता से पुलिस बल की गतिशीलता, प्रतिक्रिया क्षमता और क्षेत्रीय निगरानी में सुधार होगा. जिससे घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण संभव हो सकेगा. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है.

उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन आधुनिक वाहनों और नए थानों से पुलिस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय तथा क्षेत्रीय निगरानी तंत्र में गुणात्मक सुधार होगा. जिससे आम जनता को त्वरित एवं विश्वसनीय सुरक्षा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य में बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित होगी और अपराधी क्राइम करने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर होंगे.

धुर्वा अपहरण कांड का सीएम ने किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आधुनिक वाहनों का बेड़ा झारखंड पुलिस को एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है. यह 25 वर्ष पूरे कर चुके झारखंड के सफर में पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है. उन्होंने कहा कि नई तकनीक से लैस वाहनों और संसाधनों के माध्यम से पुलिस विभाग अपने कार्य के नए आयामों को छूने के लिए लगातार प्रयत्नशील है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घटित घटनाओं को लेकर झारखंड पुलिस ने कई मामलों में त्वरित एवं सार्थक कार्रवाई की है, जिससे जनता का विश्वास मजबूत हुआ है. मुख्यमंत्री ने धुर्वा थानाक्षेत्र से दो नाबालिग बच्चों के अपहरण मामले का जिक्र करते हुए कहा कि, झारखंड पुलिस की तत्परता के चलते बच्चों को जल्द बरामद किया गया और अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश भी किया गया. उन्होंने कहा त्वरित कार्रवाई दर्शाती हैं कि झारखंड पुलिस नई तकनीक और नवाचार के साथ अपराध रोकथाम की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है.
कानून-व्यवस्था में सबकी भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपेक्षा की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सकारात्मक सहयोग करें. उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि समाज में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता बढ़ाएं. लोगों पुलिस को समय पर सूचना दें तथा पुलिस के साथ समन्वित सहयोग स्थापित करें. उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास, संवाद तथा सहयोग की कड़ी जितनी मजबूत होगी, राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था उतनी ही सुदृढ़ होगी.

चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि वे निष्ठा, ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ राज्य की सेवा में अपना योगदान देंगे. सीएम हेमंत ने समारोह में मौजूद पुलिसकर्मियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे निष्ठा, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें तथा कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दें.
झारखंड पुलिस के लिए राज्य सरकार ने कुल 1255 पेट्रोलिंग वाहन और 1697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति दी है. इन स्वीकृत वाहनों में से प्रथम चरण में 636 पेट्रोलिंग वाहन तथा 849 दोपहिया वाहन विभिन्न जिलों एवं पुलिस थानों को दिए जा रहे हैं. यह आधुनिक वाहन गश्ती, क्विक रिस्पॉन्स, ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपराधिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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