Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास को लेकर अपना रोडमैप रखा है. मुख्यमंत्री ने ‘विजन 2050’ का खाका साझा करते हुए कहा कि झारखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ₹1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया है. जिससे ग्रामीण विकास, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा. मुख्यमंत्री के अनुसार, विजन 2050 का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ झारखंड को एक बेहतर और सशक्त राज्य बनाना है.
देश का पहला हाइड्रोजन इंजन होगा विकसित
मुख्यमंत्री ने अपनी हालिया दावोस यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक स्तर पर आधिकारिक उपस्थिति दर्ज कराई है. इस दौरान राज्य में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाएं सामने आईं. उन्होंने कहा कि झारखंड देश की करीब 40 प्रतिशत खनिज संपदा का स्वामी है और अब तकनीक व नवाचार के साथ विकास की नई राह पर अग्रसर है. टाटा समूह के सहयोग से राज्य में देश का पहला हाइड्रोजन इंजन विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है.
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर
शिक्षा को प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जो लंदन मं उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत सरकारी छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है. इसके साथ ही सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना जैसी पहले ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. सरकार का लक्ष्य प्रखंड स्तर तक डिग्री कॉलेज स्थापित कर युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है.
सीएनटी, एसपीटी एक्ट विकास में बाधा नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट विकास में बाधा नहीं, बल्कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा का मजबूत आधार हैं. उन्होंने कहा कि इन कानूनों के तहत रहते हुए भी सड़क, रेल और औद्योगिक परियोजनाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं. साथ ही, आदिवासियों की अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई को झारखंड से बाहर अन्य राज्यों तक ले जाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
केंद्र से वित्तीय सहयोग की कमी
केंद्र सरकार के साथ संबंधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत संघीय ढांचे के लिए राज्यों का सशक्त होना जरूरी है. उन्होंने जीएसटी व्यवस्था से उत्पादक राज्यों को हो रहे नुकसान और केंद्र से मिलने वाले वित्तीय सहयोग की कमी पर चिंता जताई. आवास योजना का फंड रोके जाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य को मजबूरन ‘अबुआ आवास योजना’ शुरू करनी पड़ी.
JMM केवल राजनीतिक दल नहीं,विचारधारा है
अपने पिता शिबू सोरेन (गुरुजी) की विरासत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है. उन्होंने कहा कि वे केवल जनता की अदालत में विश्वास रखते हैं और उनका लक्ष्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास सुनिश्चित करना है.
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