Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी पर सख्ती से रोक लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अवैध शराब से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और लोगों की जान भी खतरे में पड़ती है. इसलिए ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
मुख्यमंत्री ने विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्ति करने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर JSSC के माध्यम से नियमित बहाली की जाए. अधिकारियों ने बताया कि 583 उत्पाद सिपाहियों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया. वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है. जुलाई 2026 के मध्य तक विभाग 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है.
मुख्यमंत्री ने मदिरा परिवहन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उन्होंने सभी परिवहन वाहनों में GPS ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक लगाने का निर्देश दिया, ताकि वाहनों की हर समय निगरानी की जा सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके.
उन्होंने राज्य में नई मदिरा विनिर्माण नीति और औद्योगिक अल्कोहल से जुड़ी नीति तैयार करने का भी निर्देश दिया. साथ ही स्पिरिट की मांग और उसके उपयोग का अध्ययन कर कार्ययोजना बनाने को कहा.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्पाद विभाग के नए गोदामों के निर्माण में स्थानीय आदिवासी समुदाय को प्राथमिकता दी जाए. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. बैठक में उत्पाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभाग के प्रधान सचिव अमिताभ कौशल समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
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