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हाथी हमलों पर सीएम का सख्त रुख, 12 दिन में मुआवजा देने का निर्देश

Ranchi: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में हाथियों के हमलों से हो रही जान माल की क्षति पर गहरी चिंता जताई और इसे हर हाल में रोकने के निर्देश दिए.
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Ranchi: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में हाथियों के हमलों से हो रही जान माल की क्षति पर गहरी चिंता जताई और इसे हर हाल में रोकने के निर्देश दिए.

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि हाथियों के हमलों से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं होनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता हो. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों के कारण लगातार घटनाएं हो रही हैं, वहां तत्काल प्रभावी सुरक्षा और बचाव के उपाय किए जाएं.

 

बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के कई जिलों में हाथियों के हमलों में लगभग 27 लोगों की मृत्यु हुई है. मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए. हाथियों को ग्रामीण इलाकों से दूर रखने के लिए मशाल, डीजल, किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च और सोलर सायरन जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जान माल की क्षति की किसी भी घटना में पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने में देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि मृत्यु के मामलों में 12 दिनों के भीतर मुआवजे की पूरी राशि पीड़ित परिवार को दी जाए. साथ ही एनिमल अटैक से जुड़े मुआवजा नियमों की समीक्षा कर उन्हें और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया.

 

मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में हुई कैजुअल्टी और मुआवजे से संबंधित विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही राज्य के सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कराने और मानव हाथी संघर्ष की घटनाओं पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

 

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हजारीबाग क्षेत्र में पांच हाथियों का एक आक्रामक झुंड सक्रिय है, जिस पर निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की गई है. वन विभाग द्वारा क्विक रिस्पांस मैकेनिज्म मजबूत करने और कुनकी हाथियों की मदद से रेस्क्यू सिस्टम विकसित करने की योजना पर भी जानकारी दी गई.

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