Ranchi News : RIMS में इस बार MBBS में दाखिले को लेकर ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी. नामांकन से पहले विद्यार्थियों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी. इसके लिए RIMS प्रबंधन ने एक विशेष कमेटी बनाई है.
इस कमेटी में डीन, सब डीन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. कमेटी विद्यार्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच करेगी. किसी प्रमाण पत्र पर संदेह होने पर विद्यार्थी का नामांकन आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. जांच में प्रमाण पत्र सही पाए जाने के बाद ही नामांकन पूरा होगा.
दरअसल, वर्ष 2025 बैच में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन के तीन मामले सामने आए थे. इनमें MBBS की काजल कुमारी और आशीष कुमार शामिल थे. वहीं, BDS की छात्रा ओली विश्वकर्मा का जाति प्रमाण पत्र भी जांच में फर्जी पाया गया था. इसके बाद तीनों का नामांकन रद्द कर दिया गया था.
इन मामलों के बाद RIMS प्रबंधन ने इस बार प्रमाण पत्रों की जांच के लिए खास व्यवस्था की है. किसी विद्यार्थी के दस्तावेज पर शक होने पर उसे एडमिशन कमेटी के पास भेजा जाएगा.
RIMS प्रबंधन अब एहतियात के तौर पर 2025 बैच के सभी विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्रों की भी जांच करा रहा है. इसके लिए प्रमाण पत्र संबंधित जिलों के उपायुक्तों के पास भेजे गए हैं. वहां से प्रमाण पत्रों की सही होने की पुष्टि कराई जा रही है.
फर्जी प्रमाण पत्र के मामलों को देखते हुए झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) भी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन को लेकर सतर्कता बरतेगा. सीट आवंटित करने से पहले विद्यार्थियों के जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी. सत्यापन पूरा होने के बाद ही विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में नामांकन के लिए भेजा जाएगा.
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