Giridih News: गिरिडीह के पचंबा स्थित श्री गोपाल गौशाला में आगामी गोपाष्टमी मेले की तैयारियों की समीक्षा को लेकर गुरुवार को गौशाला प्रांगण में बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ऐतिहासिक 129वां गोपाष्टमी मेला 17 नवंबर से 26 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा. मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
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बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, बिजली, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा बलों की तैनाती, सजावट और रोशनी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया. मेले में लगने वाले विभिन्न प्रकार के झूलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा हुई. इसके अलावा, 17 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार किया गया.
इस बार मेले में मूर्तिघर विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. इसके साथ ही कई नए झूले भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे. मेले में फूलों की सजावट के लिए रानीगंज से विशेष टीम बुलाई गई है. वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की एक टीम भी तैयार की गई है.
मेले की तैयारी को लेकर मेला कमेटी के संयोजक मुकेश साहू, श्री गोपाल गौशाला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप डोकानिया और सचिव प्रवीण बागड़िया ने संयुक्त रूप से बताया कि 129वां गोपाष्टमी मेला अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है.
मेले को बेहतर और यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर गंभीरता से चर्चा की गई है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा, प्रशासनिक समन्वय, झूलों में सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था, मूर्तिघर के आकर्षण, फूलों की सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
बैठक में प्रमोद अग्रवाल, बांके बिहारी शर्मा, पवन कंधवे, संजय भदौलिया, राजेश छापरिया, नीलू केडिया, गौतम सोनी, संतोष चौरसिया, इरफान आलम, बिमल केडिया, संजय दंगाइच, अनिल अग्रवाल, अशोक बगड़िया सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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