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ACB से शिकायत : बगोदर BDO ने प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट लैंड पर दे दी अबुआ आवास की मंजूरी

गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड में एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. बगोदर की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) निशा कुमारी पर अबुआ आवास योजना के तहत संरक्षित वन भूमि (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) पर अवैध स्वीकृति देने, सरकारी राशि का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.
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Vinit Abha Upadhyay

 

Ranchi :   गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड में एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है. बगोदर की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) निशा कुमारी पर अबुआ आवास योजना के तहत संरक्षित वन भूमि (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) पर अवैध स्वीकृति देने, सरकारी राशि का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.  सोशल एक्टिविस्ट और पर्यावरणविद संतोष कुमार दास ने इस मामले पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें BDO निशा कुमारी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की गयी है. 

 

बगोदर BDO पर संरक्षित वन भूमि पर अबुआ आवास की मंजूरी देने का आरोप, जांच की मांग 

संतोष कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि निशा कुमारी ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 में अबुआ आवास योजना के तहत तारा कुमारी पांडे, पति सन्नू कुमार पांडे, निवासी ग्राम खेतको, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह, को आवास निर्माण के लिए स्वीकृति दी. इस स्वीकृति (रजिस्ट्रेशन आईडी 2870907) के तहत मौजा- खेतको, प्लॉट संख्या - 5979 पर मकान निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई. लेकिन यहां चौंकाने वाली बात यह है कि उक्त प्लॉट अधिसूचित सुरक्षित वन भूमि (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) है, जैसा कि अधिसूचना संख्या C.P.F-10152/52-5801-R-D-27-12-1952, दिनांक 27/12/1952 द्वारा सत्यापित है. इसके बावजूद BDO निशा कुमारी ने बिना स्थलीय निरीक्षण या भूमि की प्रकृति की जांच किए इस अवैध स्वीकृति को मंजूरी दी और सरकारी राशि का भुगतान भी कर दिया.

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