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केदला कोल वासरी से नदी में प्रदूषण की जांच 2 माह में पूरी करेंः हाईकोर्ट

Ranchi : रामगढ़ में सीसीएल के केदला कोल वासरी से नदी में प्रदूषण होने और बसंतपुर कोल वासरी को चालू होने से रोकने का आग्रह करने वाली खुशी लाल महतो की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में गुरुवार को हुई. 

 

मामले में कोर्ट ने प्रार्थी को निर्देश दिया कि वह केदला कोल वासरी से नदी में प्रदूषण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में जल स्रोतों में प्रदूषण से संबंधित आवेदन झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवेदन दे.

 

साथ ही प्रार्थी इससे संबंधित डाटा भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उपलब्ध कराए. प्रार्थी के इस आवेदन के आलोक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दो माह में स्वतंत्र जांच करें और रिपोर्ट प्रार्थी को सौंप दे.

 

इस रिपोर्ट के आलोक में प्रार्थी केदला कोल वासरी के खिलाफ कार्रवाई करने या केस करने से लिए स्वतंत्र है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जनहित याचिका निष्पादित कर दी.

 

इससे पहले प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने कोर्ट को बताया कि रामगढ़ में सीसीएल के केदला कोल वासरी से नदी में कोयले का काला पानी जा रहा है, इससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है.

 

साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जल, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण हो रहा है. उन्होंने संबंधित फोटोग्राफ भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया. यह भी बताया कि सीसीएल की ओर से एक दूसरा बसंतपुर कोल वासरी भी खोलने की तैयारी की जा रही है.

 

बसंतपुर कोल वासरी के चालू होने से नदियों में जल स्रोतों में प्रदूषण और बढ़ जाएगा. इसलिए बसंतपुर कोल वासरी को चालू होने से रोका जाए.

 

वही सीसीएल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केदला कोल वासरी के लिए उसे एनवायरमेंटल क्लीयरेंस प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मिला है और वह बोर्ड के नियमों का पालन कर रहा है.

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