New Delhi : रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका की ओर से दिए गए “परमिशन” वाले बयान पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला देश क्या अब वॉशिंगटन की अनुमति का इंतजार करेगा?
“Indians have been very good actors. We asked them to stop buying Russian oil, and they did.
— Congress (@INCIndia) March 7, 2026
Now we have given them 'permission' to buy Russian oil.”
These are the words of the United States Secretary of the Treasury, Scott Bessent.
Permission? For India?
A country of 1.4… pic.twitter.com/4GQywl8L8t
भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है : स्कॉट बेसेंट
दरअसल, अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी (वित्त मंत्री) स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी है. इस बयान को लेकर कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार की आलोचना की.
कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर लिखा कि अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि हमने भारत से रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा और उन्होंने ऐसा किया. अब हमने उन्हें फिर से रूसी तेल खरीदने की इजाजत दी है.
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यह समझौतावादी प्रधानमंत्री की कीमत है
विपक्षी पार्टी ने सवालिया लहजे में लिखा कि अनुमति? भारत के लिए? यह भी कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला देश क्या अब वॉशिंगटन की अनुमति का इंतजार करेगा? यह एक समझौतावादी प्रधानमंत्री की कीमत है.
कांग्रेस ने इसे भारत के लिए अपमानजनक बताते हुए कहा कि भारत ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, ताकि कोई भी विदेशी शक्ति हम पर अपनी शर्तें न थोप सके. फिर भी आज एक कमजोर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अमेरिका खुलेआम भारत को 'अनुमति' देने की बात कर रहा है.
पार्टी ने कहा कि भारतीय किसी और की स्क्रिप्ट के पात्र नहीं हैं. इस बयान पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी बेहद चुभती है. सरकार से इस पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि भारत की जनता स्पष्टीकरण की हकदार है.
तेल आपूर्ति हो सकती है प्रभावित, भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार
इस बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. खाड़ी क्षेत्र में संकट के चलते होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं.
भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत पश्चिम एशिया से करता है. हालांकि सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की ऊर्जा स्थिति फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में है और देश के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है. रोजाना नए स्टॉक भी जोड़े जा रहे हैं.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है.
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