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30 लाख करोड़ का क्रेडिट गैप, घटती बचत व रोजगार संकट, कांग्रेस ने केंद्र की आर्थिक नीतियों को घेरा

Ranchi News : अख्तर अली ने Make in India पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि सरकार ने इसे 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था. उन्होंने कहा कि बड़ी योजनाओं के बावजूद बड़े पैमाने पर रोजगार नहीं बन पाए हैं.
 
फाइल फोटो

Ranchi News : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता अख्तर अली ने केंद्र की बीजेपी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ के आंकड़े को बड़ी उपलब्धि के तौर पर बता रही है, लेकिन आम परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है.

 

अख्तर अली ने कहा कि देश में परिवारों की बचत घट रही है और व्यक्तिगत कर्ज बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि परिवारों की शुद्ध वित्तीय बचत GDP के करीब 5 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यह करीब 50 साल के सबसे निचले स्तर पर है.

 

उन्होंने MSME सेक्टर को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. अख्तर अली के अनुसार, छोटे और मध्यम कारोबार देश में 90 प्रतिशत से ज्यादा रोजगार देते हैं, लेकिन इस सेक्टर के सामने करीब 30 लाख करोड़ रुपये का कर्ज का अंतर है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसका फायदा बड़े कारोबारी घरानों को ज्यादा मिल रहा है.

 

अख्तर अली ने Make in India पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि सरकार ने इसे 25 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था. उन्होंने कहा कि बड़ी योजनाओं के बावजूद बड़े पैमाने पर रोजगार नहीं बन पाए हैं.

 

महंगाई को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से गरीब और मध्यम वर्ग परेशान है. सिर्फ GDP के आंकड़ों से आम लोगों की समस्याएं दूर नहीं होंगी.

 

कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र सरकार से महंगाई कम करने, आम लोगों को आर्थिक राहत देने और छोटे कारोबारियों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.

 

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