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कांग्रेस को आस, पीएम मोदी मानसून सत्र में चीन पर चर्चा के लिए सहमत हो जायेंगे

पीएम ने 15 जून, 2020 को गलवान में हमारे 20 बहादुर सैनिकों के देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के मात्र चार दिन बाद कहा था, न कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है.
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New Delhi :  कांग्रेस ने कहा कि वह पिछले पांच वर्षों से संसद में चीन पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रही है. कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी मानसून सत्र में चीन पर  चर्चा के लिए सहमत हो जायेंगे.

 

 

 

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आज गुरूवार को कहा कि चीन के कारण पैदा होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियों पर राष्ट्रीय सहमति की दिशा में सामूहिक रूप से काम करना आवश्यक है.

 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गलवान घाटी की घटना के बाद पीएम मोदी द्वारा दिये एक वक्तव्य का डिक्र करते हुए एक्स  पर पोस्ट किया, आज प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चीन को दी गयी क्लीन चिट की पांचवीं वर्षगांठ है.

 

 पीएम ने 15 जून, 2020 को गलवान में हमारे 20 बहादुर सैनिकों के देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के मात्र चार दिन बाद कहा था, न कोई हमारी सीमा में घुस आया है, न ही कोई घुसा हुआ है. जयराम रमेश ने कहा कि यह खेदजनक प्रकरण 21 अक्टूबर, 2024 को एक समझौते के साथ संपन्न हुआ.

 


कांग्रेस महासचिव ने कहा कि आज दूरसंचार, दवा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र चीनी आयात पर निर्भर हैं. चीन के साथ व्यापार घाटा 2024-25 में रिकॉर्ड 99.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. , चीन को निर्यात आज 2013-14 की तुलना में कम है, जबकि रुपया बहुत कमज़ोर है


   
जयराम रमेश ने कहा कि चीनी आर्थिक शक्ति के आगे यह आत्मसमर्पण विदेश मंत्री एस जयशंकर के इसी तरह के बयान का परिणाम है, जब उन्होंने कहा था कि "देखिए, वे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. मैं क्या करने जा रहा हूं? एक छोटी अर्थव्यवस्था के रूप में, क्या मैं बड़ी अर्थव्यवस्था से लड़ाई करने जा रहा हूं

 

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य अभियानों में चीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी पिछले पांच वर्षों से चीन पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रही है. अब तक तो ऐसा नहीं हुआ. लेकिन हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री संसद सत्र में इस चर्चा के लिए सहमत होंगे.

 

 

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