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शशि थरूर ने ट्रंप-जनरल मुनीर के लंच पर कहा, अमेरिका को ओसामा बिन लादेन का इतिहास नहीं भूलना चाहिए

New Delhi :   तिरुवनंथपुरम(केरल) के कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात सहित घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय दी है.  उन्होंने ईरान-इजरायल युद्ध पर चिंता जताते हुए शांति की वकालत की  उन्होंने कहा कि वहां स्थिति बेहद गंभीर है. भारत सरकार ने ईरान में फंसे कई छात्रों को सुरक्षित निकाला है.

 

 

 

शशि थरूर ने कहा कि ईरान हमारा लंबे समय से पड़ोसी और मित्र देश रहा है. इजरायल भी हमारा साझेदार है. हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच शांति कायम हो. 

 


शशि थरूर ने पाक सेना प्रमुख जनरल मुनीर और डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप की मुलाकात पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि  
मैंने दोनों की बैठक का परिणाम नहीं देखा. व्हाइट हाउस के अनुसार जनरल(पाक) ने राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार देने की बात कही, इसके बदले में उन्हें लंच का मौका मिला. 

 

शशि थरूर ने उम्मीद जताई की खाना स्वादिष्ट रहा होगा. साथ ही कुछ Food for thought  भी मिला होगा.   
थरूर ने उम्मीद जताई कि अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन न करने, आतंकियों को फंडिंग कर भारत न भेजने की सख्त चेतावनी दी होगी.  कहा कि अमेरिका को ओसामा बिन लादेन का इतिहास नहीं भूलना चाहिए.
 


कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की अमेरिकी उपराष्ट्रपति से मुलाकात पर थरूर ने कहा, संसदीय प्रतिनिधिमंडल का उपराष्ट्रपति से मिलना सम्मान की बात है. उदाहरण दिया कि कई देशों में ऐसे प्रतिनिधिमंडल को केवल सांसदों से मिलने का मौका मिलता है.
 
 
निलाम्बूर में कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रचार अभियान में शशि थरूर की अपनी गैरमौजूदगी को लेकर कहा कि मुझे पार्टी ने आमंत्रित नहीं किया था, लेकिन मैं अपने उम्मीदवार को शुभकामनाएं देता हूं.

 

शशि थरूर ने कहा कि इस बार बुलावा नहीं आया, इसलिए मैंने अपने दूसरे कार्यक्रमों में व्यस्त रहा. शशि थरूर ने कहा, मैं पिछले 16 सालों से कांग्रेस में काम कर रहा हूं. पार्टी के साथ जो कुछ भी मेरे मतभेद हैं, मैं पार्टी के अंदर इस पर चर्चा करूंगा. 

 

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