Ranchi News: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में कांग्रेस ने शनिवार को काली टी-शर्ट पहनकर और सर पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर देशभर में जिला और प्रखंड स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया. नेताओं ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी अपनी लड़ाई जारी रखेगी.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के मौजूदा हालात में छात्र, युवा और जेन-जी (Gen-Z) अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है और प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाई जा रही हैं.
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ दिल्ली में कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. कई लोगों के कपड़े और चप्पलें तक उतर गईं. नेताओं का दावा था कि लाठीचार्ज में कुछ प्रदर्शनकारियों के सिर में चोटें आईं और कई लोगों के पैर टूट गए. उन्होंने राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के साथ भी कथित दुर्व्यवहार की निंदा की.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलने वाले देश में विरोध की आवाज को दबाना गंभीर चिंता का विषय है. उनके अनुसार, लोकतंत्र की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है. इसी के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से छात्र, युवा और विपक्षी गठबंधन के नेता एकत्र हुए हैं.
नेताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं. दूसरे राज्यों से आने वाली ट्रेनों और उड़ानों को बंद किया गया या उनकी उपलब्धता प्रभावित हुई, जबकि हवाई किराए में चार गुना तक बढ़ोतरी हुई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से पहले ही कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. इसके अलावा, कुछ स्थानों पर मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से घोषणाएं कराकर लोगों से 10 अक्टूबर के आंदोलन में शामिल नहीं होने की अपील की गई.
कांग्रेस नेताओं ने इन पाबंदियों को सरकार की घबराहट बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. एक वक्ता ने रावण की नाभि का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह रावण की जान उसकी नाभि में थी, उसी तरह सरकार को भी अब अपनी सत्ता पर खतरा दिखाई देने लगा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लंबे समय तक शासन करने का दावा करने वाली सरकार को युवाओं और विपक्ष की एकजुटता से चुनौती मिल रही है.
प्रदर्नशकारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में नेताओं की धरपकड़ के बाद दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है. इसके बावजूद युवा आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की जेलों में जगह कम पड़ सकती है, लेकिन वे अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. वक्ताओं ने यह भी कहा कि वे हिरासत में लिए जाने या जेल जाने से नहीं डरते और जरूरत पड़ने पर हर तरह की मुश्किल का सामना करने को तैयार हैं.
कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि SIR के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा से जुड़ा मामला है. उन्होंने केंद्र सरकार से SIR की प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट करने और विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देने की मांग की.
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