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जमीन का गलत ब्योरा देकर CBSE से संबद्धता लेने के आरोपों की जांच पूरी, कार्रवाई नहीं

Ranchi News: हाईकोर्ट के अधिवक्ता राज कुमार ने राज्यपाल, बोकारो के उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की थी. इसमें बोकारो जिला में चलने वाले क्रिसेंट पब्लिक स्कूल, मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल और सरदार पटेल पब्लिक स्कूल द्वारा Central Board Of Secondary Education(CBSE) से संबद्धता लेने के लिए जमीन का गलत दस्तावेज का ब्योरा देने का आरोप लगाया गया था.
 
सिंबोलिक फोटो

Ranchi News: बोकारो जिला के तीन स्कूलों द्वारा जमीन का गलत ब्योरा देकर CBSE से संबद्धता लेने के आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है. जांच के दौरान किसी भी स्कूल ने जमीन से संबंधित ब्योरा नहीं दिया. अपर समाहर्ता की अध्यक्षा में गठित जांच समिति की रिपोर्ट में स्कूलों द्वारा संबद्धता के लिए गलत ब्योरा देने की पुष्टि हो चुकी है. लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है.


हाईकोर्ट के अधिवक्ता राज कुमार ने राज्यपाल, बोकारो के उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत की थी. इसमें बोकारो जिला में चलने वाले क्रिसेंट पब्लिक स्कूल, मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल और सरदार पटेल पब्लिक स्कूल द्वारा Central Board Of Secondary Education(CBSE) से संबद्धता लेने के लिए जमीन का गलत दस्तावेज का ब्योरा देने का आरोप लगाया गया था. इन आरोपों की पुष्टि के लिए अधिवक्ता ने BSL द्वारा इन स्कूलों को लीज पर दी गयी जमीन के ब्योरे का आधार बनाया था.


अधिवक्ता की शिकायत पर बोकारो के उपायुक्त ने अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था. समिति में चास के अंचलाधिकारी और बोकारो के कार्यपालक दंडाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था. वर्ष 2023 में गठित इस समिति ने जांच के दौरान कई बार तीनों स्कूलों को नोटिस देकर जमीन के मामले में लगे आरोपों पर अपना जवाब देने का निर्देश दिया.

 

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रिपोर्ट की कॉपी

 

कई बार रिमाइंडर देने बाद इन स्कूलों ने जांच समिति को अपना पक्ष भेजा. जवाब में सभी स्कूलों द्वारा समय-समय पर जांच से संबंधित नियमों और CBSE द्वारा संबद्धता देने से पहले मांगे जाने वाले अनापत्ति पत्रों का उल्लेख किया गया. लेकिन किसी स्कूल ने जांच समिति को यह नहीं बताया कि उनके पास कितनी जमीन है. हालांकि सभी स्कूलों ने अपने जवाब में अधिवक्ता राज कुमार पर स्कूल को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

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स्कूलों का जवाब मिलने के बाद जांच समिति ने अप्रैल 2025 में उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी. इसमें BSL द्वारा इन स्कूलों को 50 डिसमिल जमीन लीज पर देने का उल्लेख किया गया. साथ ही स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए CBSE को पत्र भेजने की अनुशंसा की गयी. हालांकि इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.


BSL द्वारा स्कूलों को लीज पर दी गयी जमीन का ब्योरा (एकड़ में)

सेक्टर क्षेत्रफल लीज वर्ष लीज अवधि स्कूल का नाम
सेक्टर-6 0.503 1990 33 साल क्रिसेंट पब्लिक स्कूल
सेक्टर-4  0.500 1985 33 साल मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल
सेक्टर-9 0.500 1985 33 साल सरदार पटेल पब्लिक स्कूल

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