Ranchi News: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाइक ने MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस नेता सुबोध कांत सहाय के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सवालों में तथ्यों से ज्यादा राजनीतिक भ्रम और जनता को गुमराह करने की कोशिश दिखाई देती है.
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बड़ाइक ने कहा कि MMDR संशोधन किसी एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के खनिज क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए है. उन्होंने सवाल किया कि जब राज्यों का खनिज राजस्व और वैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं, तो कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाकर किसे बचाना चाहती है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 14 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का उल्लेख कर रही है, लेकिन यह नहीं बता रही कि यह आंकड़ा किस आधार पर है और इसका MMDR संशोधन से वास्तविक कानूनी संबंध क्या है. केवल बड़ी संख्या बोल देने से वह सुनिश्चित राजस्व नहीं बन जाती.
अशोक बड़ाइक ने कहा कि खनिज क्षेत्र से प्राप्त राजस्व का लगभग 90 प्रतिशत राज्यों को मिलता है. ऐसे में केंद्र द्वारा झारखंड का खनिज राजस्व छीनने का प्रचार भ्रामक है. उन्होंने कांग्रेस से खनन प्रभावित क्षेत्रों में DMFT के इस्तेमाल, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की स्थिति का भी हिसाब मांगने को कहा.
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन, सिंडिकेट और खनिज माफिया पर कार्रवाई से कांग्रेस और झामुमो बेचैन हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा पारदर्शी व्यवस्था और वैधानिक राजस्व की पक्षधर है. कांग्रेस को कानून की धाराओं पर बहस करनी चाहिए, न कि राजनीतिक भ्रम फैलाना चाहिए.
बड़ाइक ने कहा कि भाजपा जनता के बीच जाकर MMDR की वास्तविकता और खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता के मुद्दे को तथ्यों के साथ रखेगी.
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