Ranchi News : MMDR संशोधन को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के बयान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पलटवार किया है. उन्होंने भाजपा पर MMDR को लेकर भ्रम फैलाने और झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया.
इसे भी पढ़ें...
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा नेता अपने कानून के पक्ष में ठोस जवाब देने के बजाय कांग्रेस पर कोयला चोरी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि झारखंड से निकलने वाले खनिजों पर पहला वैधानिक अधिकार राज्य का है या केंद्र सरकार का.
उन्होंने कहा कि केवल विकसित भारत और विकसित झारखंड का नारा लगाने से राज्य का विकास नहीं होगा. झारखंड की खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व का उचित हिस्सा राज्य के विकास पर खर्च होना चाहिए. इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को मजबूती मिल सकती है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड सरकार ने 2026-27 के बजट में खनिज-युक्त भूमि उपकर से करीब 14,656 करोड़ रुपये राजस्व का अनुमान लगाया है. ऐसे में अगर केंद्र सरकार राज्यों की राजस्व जुटाने की क्षमता को सीमित करती है तो भाजपा को बताना चाहिए कि इस संभावित नुकसान की भरपाई कौन करेगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा MMDR को निवेश और कारोबार को आसान बनाने वाला कानून बता रही है, लेकिन असली सवाल राज्यों के अधिकारों का है. टैक्स व्यवस्था में एकरूपता के नाम पर राज्यों की आर्थिक शक्ति को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए.
कोयला चोरी के आरोपों पर भी राकेश सिन्हा ने केंद्र और राज्य की एजेंसियों से सवाल किया. उन्होंने कहा कि अवैध खनन और कोयला तस्करी रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कार्रवाई हुई है, इसका जवाब दिया जाना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस वैध खनन, पारदर्शी नीलामी, निवेश और रोजगार के खिलाफ नहीं है. पार्टी चाहती है कि खनिज संपदा का इस्तेमाल कानून के अनुसार हो, पर्यावरण की रक्षा हो और विस्थापितों के अधिकार सुरक्षित रहें.
उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व राज्य की जनता के हित में इस्तेमाल होना चाहिए. कांग्रेस ऐसे किसी प्रावधान का विरोध करेगी, जिससे झारखंड के वैधानिक, वित्तीय और संघीय अधिकार कमजोर होते हों.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

