Ranchi: विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा जनता के नाम जारी संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि अपने शासनकाल में बाबूलाल मरांडी ने जिन नीतियों और कार्यशैली के बीज बोए, बाद में भाजपा के अन्य मुख्यमंत्रियों ने उन्हें संरक्षित कर वटवृक्ष का रूप दे दिया. उसी का परिणाम रहा कि 17 वर्षों तक राज्य बर्बादी के कगार पर पहुंच गया.
राकेश सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि जब बाबूलाल मरांडी एक अपराधी के एनकाउंटर के विरोध में सड़क पर उतर जाते हैं, तो यह स्पष्ट करें कि ऐसे माहौल में राज्य के व्यवसायी खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेंगे. उन्होंने कहा कि मरांडी के शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति यह थी कि राज्य के बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन के अभाव में बच्चों की जान चली गई.
उन्होंने आगे कहा कि इसी राज्य में संतोषी नाम की बच्ची ‘भात-भात’ कहते हुए भूख से मौत के मुंह में समा गई, जबकि उसी दौर में लगभग दो हजार स्कूल बंद हो गए. राकेश सिन्हा ने सवाल उठाया कि उस समय आदिवासी बच्चों की शिक्षा की चिंता क्यों नहीं सताई.
उन्होंने कहा कि वर्तमान गठबंधन सरकार के कार्यकाल में आदिवासी बच्चे सरकारी सहायता से उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहे हैं. वहीं अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यदि राज्य में अवैध घुसपैठियों से जमीन छिनने का खतरा है, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि ऐसे घुसपैठियों को प्रवेश देने वाले उनके ही गृह मंत्री रहे हैं. ऐसे में या तो गृह मंत्री नाकाबिल थे या फिर उन्हें इस विषय पर इस्तीफा मांगना चाहिए.
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