- मोदी सरकार में नाम नहीं काम बोलता है
- कांग्रेस ने अपने शासन में 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों के नाम बदले
- जवाहर रोजगार योजना को नरेगा, फिर मनरेगा कांग्रेस ने क्यों किया
- महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप बनी है जी राम जी योजना
Ranchi : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस द्वारा वीबी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना का विरोध किए जाने पर निशाना साधा है. कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले, उसकी गरिमा का सम्मान हो.
गरीब, जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले इसके लिए जी राम जी योजना को लाया गया है. लेकिन कांग्रेस को ये सब पसंद नहीं. कांग्रेस को लूट भ्रष्टाचार की आदत लगी हुई है, इसलिए वैसी योजनाएं जिसमें लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है कांग्रेस को पसंद है.
जिस मनरेगा की बात कांग्रेस पार्टी कर रही है उस के सर्वाधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है. मनरेगा पर अबतक देश मंस 11.74 लाख करोड़ खर्च हुए हैं जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं.
ग्रामीण आवास योजना को कांग्रेस ने इंदिरा आवास योजना किया
जिस योजना के नाम बदलने का हंगामा कांग्रेस पार्टी कर रही है उसका पहले नाम महात्मा गांधी के नाम पर नहीं था. 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया.
बाद में राजीव गांधी जी ने उसका नाम जवाहर रोजगार योजना कर दिया।मनमोहन सिंह की सरकार ने इसे 2004 में नरेगा और 2005 में मनरेगा कर दिया. इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को कांग्रेस ने इंदिरा आवास योजना किया.
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का नाम राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना किया. झारखंड में तो कांग्रेस समर्थित सरकार ने झारखंड निर्माता अटल वाजपेयी के नाम पर चल रही अटल क्लीनिक का नाम मदर टेरेसा के नाम पर कर दिया.
बाबूलाल ने और क्या कहा
- कांग्रेस पार्टी ने नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर योजनाओं के नाम रखे.
- मोदी सरकार काम बोलती है, नाम नहीं.
- नई योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए है.
- मनरेगा में ट्रांसपेरेंसी नहीं थी, अब जी राम जी योजना में रियल टाइम डेटा अपलोड होगा.
- मजदूरों को मजदूरी भुगतान साप्ताहिक करने की व्यवस्था की गई है.
- कांग्रेस को इससे परेशानी है, विकसित भारत और भगवान श्रीराम के नाम से नफरत है.
- कांग्रेस ने देश के लगभग 600 संस्थाओं, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार पर रखे.
- मोदी सरकार ने अपने या परिवार के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया, बल्कि नाम को सेवा से जोड़ा.
-राजभवन लोक भवन बन गया राजपथ कर्त्तव्य पथ, रेस कोर्स लोक कल्याण मार्ग, पीएमओ सेवा तीर्थ बन गया.
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