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JPSC-JSSC विवाद पर कांग्रेस की एंट्री, CM को सौंपा 7 सूत्री प्रस्ताव, छात्रों के भरोसे की उठाई मांग

Ranchi : JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने भी अपनी ओर से पहल की है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इस दौरान छात्रों की मांगों से जुड़ा 7 सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया.
 
झारखंड की खबरें

Ranchi : JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने भी अपनी ओर से पहल की है. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इस दौरान छात्रों की मांगों से जुड़ा 7 सूत्री ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा गया.


कांग्रेस का कहना है कि JPSC और JSSC की कई भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों के बीच भ्रम, अविश्वास और निराशा का माहौल बना है. इससे इन संस्थाओं की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं. पार्टी ने कहा कि युवाओं का भरोसा वापस दिलाने के लिए सरकार को जल्द और पारदर्शी कदम उठाने चाहिए.

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मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि ज्ञापन में सबसे पहले JPSC और JSSC से जुड़े सभी आरोपों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है. साथ ही जांच की प्रगति समय-समय पर सार्वजनिक करने की बात भी कही गई है.


कांग्रेस ने TDPL समेत उन सभी एजेंसियों की भूमिका की जांच की मांग की है, जिन पर भर्ती प्रक्रिया में सवाल उठे हैं. दोषी पाए जाने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और सख्त कार्रवाई करने का भी सुझाव दिया गया है.


ज्ञापन में JPSC और JSSC में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों का तत्काल तबादला करने और उनकी जगह अनुभवी और निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई है. पार्टी का कहना है कि इससे दोनों संस्थाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी.


कांग्रेस ने दोनों आयोगों के लिए हर साल भर्ती कैलेंडर जारी करने की भी मांग की है. इसमें विज्ञापन जारी होने से लेकर आवेदन, परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति तक की तय तारीखें पहले से घोषित करने का सुझाव दिया गया है.


पार्टी ने झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 को सख्ती से लागू करने की मांग की है. इसके अलावा आरक्षण, बैकलॉग रिक्तियां, लंबित नियुक्तियां और भर्ती से जुड़े अन्य मामलों की विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध निर्णय लेने की भी बात कही गई है.


ज्ञापन में सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाकर छात्र प्रतिनिधियों के साथ खुली बातचीत करने का आग्रह भी किया गया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके.


मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर के. राजू, केशव महतो कमलेश, प्रदीप यादव, राजेश कच्छप, राधाकृष्ण किशोर, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडे सिंह, डॉ. इरफान अंसारी, कुमार राजा और विनय उरांव के हस्ताक्षर हैं.

 

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