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राम मंदिर चंदा की जांच और खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

Ranchi News: कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया है. यह पैसा लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा है. इसलिए चंदे के संग्रह और उसके इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए. कांग्रेस ने चंदे का स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है.
 
फाइल फोटो

Ranchi News: रांची जिला कांग्रेस कमिटी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है. ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति भवन भेजा गया है. कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चंदे की स्वतंत्र जांच और झारखंड के खनिज अधिकारों की रक्षा की मांग की है.

 

कांग्रेस ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया है. यह पैसा लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा है. इसलिए चंदे के संग्रह और उसके इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए.

 

कांग्रेस ने चंदे का स्वतंत्र वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है. साथ ही बैंक खातों, संपत्ति खरीद और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है. पार्टी ने कहा कि अगर जांच में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी या अपराध सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. श्रद्धालुओं को चंदे का सार्वजनिक हिसाब भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

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झारखंड के खनिज अधिकारों का भी उठाया मुद्दा

ज्ञापन में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियम) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर भी चिंता जताई गई है. कांग्रेस ने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट और दूसरे कई खनिज पाए जाते हैं. कांग्रेस का कहना है कि खनन से मिलने वाला राजस्व राज्य की विकास योजनाओं में खर्च होता है. वहीं खनन के कारण होने वाले विस्थापन, प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान का असर भी राज्य के लोगों पर पड़ता है.

 

पार्टी ने कहा कि 2024 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने की शक्ति को मान्यता दी थी. ऐसे में 2026 के संशोधित कानून में राज्यों के कर और सेस लगाने के अधिकार पर लगने वाली शर्तों और प्रतिबंधों की संवैधानिक समीक्षा जरूरी है.

 

राष्ट्रपति से की 5 मांगें

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से कानून के उन प्रावधानों की समीक्षा की मांग की है, जिनसे राज्यों के कराधिकार और वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है. साथ ही राज्यों के साथ इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा कराने, खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व में खनन प्रभावित राज्यों को उचित हिस्सा देने और केंद्र-राज्य के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने की मांग की गई है.

 

ज्ञापन में रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा और रांची जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ कुमार राजा के हस्ताक्षर हैं. कांग्रेस ने कहा कि दोनों मुद्दे पारदर्शिता, जवाबदेही, जनविश्वास और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े हैं.

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