Dhanbad News: संशोधित खान एवं खनिज अधिनियम 2026 को लेकर झारखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. सोमवार को धनबाद जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला प्रभारी शकील अख्तर ने केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया.
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शकील अख्तर ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा हमारी है, यहां केंद्र का कानून नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड देश के लिए बड़ी मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध कराता है लेकिन खनन के कारण होने वाले प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान का खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ता है. खनन परियोजनाओं के कारण विस्थापन का दर्द भी झारखंड के लोगों को ही झेलना पड़ता है.
उन्होंने यह भी कहा कि जब खनिज संपदा से जुड़ी समस्याओं और उसके दुष्प्रभावों का सामना राज्य के लोग करते हैं तो इससे मिलने वाले राजस्व पर केंद्र का एकतरफा अधिकार स्वीकार नहीं किया जा सकता. खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व से झारखंड में विकास की कई योजनाएं संचालित होती हैं. ऐसे में राज्य के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी.
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता ने राम मंदिर के लिए चंदा संग्रह को लेकर भी केंद्र सरकार से हिसाब मांगते हुए सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी.
कांग्रेस ने घोषणा की कि 26 सितंबर से पार्टी और गठबंधन दल केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करेंगे. पार्टी ने संशोधित खान एवं खनिज अधिनियम 2026 को झारखंड के खनिज संसाधनों, राजस्व और राज्य के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए व्यापक आंदोलन की बात कही है.
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