Ranchi News: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाए जाने का झारखंड कांग्रेस ने स्वागत किया है. हालांकि, कांग्रेस ने मंदिर में आने वाले चंदे और चढ़ावे के पैसों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है.
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झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस भगवान राम और राम मंदिर के प्रति आस्था का सम्मान करती है. मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए CEO की नियुक्ति की गई है तो यह स्वागत योग्य कदम है. लेकिन इसके साथ मंदिर के चंदे और चढ़ावे में पूरी पारदर्शिता भी जरूरी है.
राकेश सिन्हा ने कहा कि राम के नाम पर श्रद्धालुओं से मिलने वाले एक-एक रुपये का हिसाब देश के सामने होना चाहिए. मंदिर ट्रस्ट की आर्थिक व्यवस्था और चढ़ावे को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब जांच और सार्वजनिक लेखा-जोखा के जरिए दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि केवल CEO की नियुक्ति से जवाबदेही तय नहीं होगी. CEO को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार मिलना चाहिए. ट्रस्ट के पैसों का नियमित ऑडिट हो और उसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए.
कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवान राम के नाम पर मिलने वाला पैसा किसी व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है. यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा धन है. इसलिए इसके इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता जरूरी है.
उन्होंने ट्रस्ट से मांग की कि मंदिर के चंदे, चढ़ावे, खर्च और संपत्तियों का विस्तृत ऑडिट सार्वजनिक किया जाए. जिन मामलों को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच भी कराई जाए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस की मांग किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है. यह रामभक्तों की आस्था और उनके चढ़ावे की पवित्रता से जुड़ा सवाल है. मंदिर की व्यवस्था जरूर बदले, लेकिन सबसे पहले व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही आनी चाहिए.
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