Search

 
 
 

नये पीसीसी अध्यक्ष के नेतृत्व में लोस चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

 
  • लोकसभा चुनाव के पहले बदले जाएंगे वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर
  • इस बार आदिवासी समाज से होगा कांग्रेस अध्यक्ष
  • बंधु तिर्की, डॉ. रामेश्वर उरांव, गीता कोड़ा व काली चरण पर मंथन
Kaushal Anand Ranchi :   प्रदेश कांग्रेस लोकसभा और विधानसभा का चुनाव नये प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में लड़ेगी. यह करीब-करीब तय हो चुका है. लोकसभा चुनाव के पूर्व ही कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जायेगा. इस बार नया अध्यक्ष रोटेशन पॉलिसी के तहत आदिवासी समुदाय से होगा. कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी आलकमान ने प्रदेश में एक इंटरनल सर्वे कराया है. इसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी गयी है. इसमें कहा गया है कि अगर कांग्रेस को लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना है तो वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष को बदलकर आदिवासी (वह भी जनाधार वाले नेता) को यह पद देना होगा. वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में दोनों चुनाव में जाना पार्टी के लिए आत्मघाती होगा. इस रिपोर्ट के बाद आलाकमान सतर्क हो गया है. साथ ही नए अध्यक्ष के लिए कद्दावर आदिवासी नेता की तलाश शुरू हो गयी है. (पढ़ें, रांची">https://lagatar.in/ranchi-40-thousand-looted-from-gas-agency-employee-in-pithoria/">रांची

: पिठोरिया में गैस एजेंसी के कर्मचारी से 40 हजार की लूट)

दिल्ली में बंधु और गीता कोड़ा लॉबिंग में जुटे

पार्टी के इंटरनल सर्वे की भनक जैसे ही झारखंड के आदिवासी नेताओं को लगी तो दिल्ली की दौड़ और लॉबिंग तेज हो गयी. नए अध्यक्ष की दौड़ में कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, कार्यकारी अध्यक्ष एवं कोल्हान सांसद गीता कोड़ा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है. बंधु तिर्की जहां छोटानागपुर में एक बड़े आदिवासी नेता के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं, वहीं गीता कोड़ा कोल्हान में कांग्रेस के लिए एक बड़ी नेत्री की रूप में पहचान बना चुकी हैं. इसे भी पढ़ें : आम">https://lagatar.in/the-burden-of-emi-did-not-increase-on-the-general-public-rbi-kept-the-repo-rate-unchanged-at-6-50-percent/">आम

जनता पर नहीं बढ़ा EMI का बोझ, RBI ने रेपो रेट को 6.50 प्रतिशत पर यथावत रखा

डाॅ. रामेश्वर उरांव व कालीचरण मुंंडा भी पीछे नहीं

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड सरकार में मंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव भी लाॅबिंग कर रहे हैं. डाॅ. उरांव के लिए दिल्ली में लॉबिंंग करने वाले नेताओं की कमी नहीं है. गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन भी उनके पक्ष में दिखाया जा रहा है. दिल्ली में एक खेमा डाॅ. उरांव को मंत्री पद से हटाकर फिर से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी देने के पक्ष में हैं. मगर कांग्रेस में फिर से वापसी कर चुके पूर्व अध्यक्ष सुखदेव भगत इनकी राह में कांटे बिछाने का काम कर सकते हैं. नए अध्यक्ष की दौड़ में कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता कालीचरण मुंडा का भी नाम सामने आया है. कालीचरण भी साफ छवि के माने जाते हैं. उनका कांग्रेस में लंबा अनुभव भी है. एक खेमा उन्हें प्रदेश की कमान सौंपने के लिए लाॅबिंग कर रहा है. इसे भी पढ़ें : SGFI">https://lagatar.in/sgfi-sujana-lakra-gave-jharkhand-its-first-gold-medal-in-100-meter-hurdles/">SGFI

: 100 मीटर हर्डल्स में सुजाना लकड़ा ने झारखंड को दिलाया पहला गोल्ड मेडल
[wpse_comments_template]  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही