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ग्रामीण विकास विभाग के कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को नहीं मिल रहा 196% DA  का लाभ, मंत्री के मौखिक आदेश ने फंसाया पेंच

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Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग अपने कार्यों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहता है. इस बार विभाग में 10 सालों से कार्यरत कर्मियों का डीए बढ़ाने का मामला मंत्रालय में सुर्खियों में है. ग्रामीण विकास विभाग के तहत मनरेगा में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को ब़ढ़ा हुआ डीए (महंगाई भत्ता) नहीं मिल पा रहा है. इसका कारण यह है कि डीए बढ़ाने की फाइल वरीय अधिकारियों के टेबल में घूम रही है. जबकि मंत्रिपरिषद की बैठक के फैसले के बाद वित्त विभाग ने 18 फरवरी को ही संकल्प जारी कर झारखंड सरकार के विभिन्न कार्यालयों में संविदा पर नियुक्त एवं कार्यरत कर्मियों का महंगाई भत्ता 113 प्रतिशत से बढ़ाकर 196 प्रतिशत तक कर दिया है. विभाग के अधिकारियों के टेबल पर गोल -गोल घूम रही फाइल का वजह विभागीय मंत्री के मैखिक आदेश को मना जा रहा है.

36 से अधिक कर्मियों को बढ़ा डीए का लाभ नहीं मिल रहा

सूत्रों के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्री ने नये सिरे से पद सृजित कर चयन प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया है. इससे कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों में निराशा देखा जा रहा है. प्राप्त सूचना के अनुसार 36 से अधिक कर्मियों व अन्य क्षेत्रीय कर्मियों को बढ़ा डीए का लाभ नहीं मिल रहा है.

कई कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सेवा का विभाग में की जा रही समीक्षा

सूत्रों के मुताबिक, विभागीय मंत्री ने विभाग के वरीय अधिकारियों को कहा है कि नए सिरे से पद सृजित कर विभाग में चयन प्रक्रिया आरंभ किया जाए. जिससे कई लोगों की सेवा समाप्त होने की आशंका भी बढ़ गई है. इससे विभाग में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों में दहशत का माहौल देखा जा रहा है. यही वजह है कि विभाग ने अब तक डीए बढ़ाने के मामले को अनुमोदित नहीं किया है. इसे भी पढ़ें –यासीन">https://lagatar.in/yasin-malik-gets-life-imprisonment-in-terror-funding-case/">यासीन

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डीए का लाभ देना है जनवरी से

सूचना के मुताबिक, विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को वर्तमान में करीब 160% डीए मिल रहा है. वहीं बढ़ा हुआ डीए का लाभ 1 जनवरी 2022 की तिथि से ही मिलना है. महंगाई भत्ता वित्त विभाग के पांच मार्च 2009 के संकल्प के अनुसार धारित पद के कर्मियों को ही दिया जाना है. वित्त विभाग के इस संकल्प के बाद कई विभागों ने इसे लागू कर दिया है. पर अभी तक ग्रामीण विकास विभाग ने इसे लागू नहीं हुआ है.

लंबे समय से विभाग में कार्यरत हैं कॉन्ट्रैक्ट कर्मी

विभाग मे लंबे समय से विभाग में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों में पंकज राणा एमआईएस नोडल पदाधिकारी, अनुपम भारती (उपनिदेशक मनरेगा), रेशमी सिंह (वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी मनरेगा), रेशमी कुमारी( वरीय लेखा पदाधिकारी मनरेगा), प्रेम कुमार गुप्ता (सहायक अभियंता), असरारुल (कार्यालय सहायक), रुखसाना (कार्यालय सहायक), शीला मेहता (कंप्यूटर प्रोग्रामर), अंशु कुमार (कार्यालय सहायक), शिल्पी कुमारी (मीडिया -सह प्रशिक्षण पदाधिकारी), कुमार सौरभ (मीडिया प्रशिक्षण पदाधिकारी), रवि रंजन, सनी कुमार, सिप्रा, विजय सहित 36 से अधिक कर्मी शामिल हैं. इसे भी पढ़ें – राज्यसभा">https://lagatar.in/rajya-sabha-elections-former-union-minister-subodh-kant-may-be-the-joint-candidate-of-the-alliance-the-frontrunner-in-the-race/">राज्यसभा

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