Ranchi : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) की मैनपावर रेट कॉन्ट्रैक्ट निविदा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. तकनीकी जांच में 24 में से केवल 3 एजेंसियों को योग्य घोषित किया गया है, जबकि 21 एजेंसियां बाहर हो गई हैं. इसके बाद एक स्थानीय MSME कंपनी ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है.
जानकारी के अनुसार, JEPC की क्रय समिति ने मैनपावर रेट कॉन्ट्रैक्ट के लिए आई तकनीकी निविदाओं की जांच की. कुल 24 एजेंसियों ने आवेदन किया था. जांच के बाद एलीटफाल्कन्स प्राइवेट लिमिटेड, कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स और जेएमडी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को तकनीकी रूप से योग्य पाया गया.
JEPC का कहना है कि 21 एजेंसियों को जरूरी दस्तावेजों की कमी, प्रमाणपत्रों की वैधता और वित्तीय पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित किया गया. समिति के अनुसार, इस कार्य के लिए एजेंसियों के पास पर्याप्त वित्तीय क्षमता होना जरूरी था.
वहीं, एक स्थानीय MSME कंपनी ने राज्य परियोजना निदेशक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि निविदा की अंतिम तिथि के दिन जारी शुद्धिपत्र में चयनित एजेंसियों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी गई थी. इसके बावजूद केवल 3 एजेंसियों को ही योग्य घोषित किया गया.
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि चयनित तीन एजेंसियों में दो बिहार की हैं, जबकि झारखंड की स्थानीय MSME इकाइयों को प्राथमिकता नहीं दी गई. कंपनी ने निविदा प्रक्रिया की समीक्षा और तकनीकी मूल्यांकन की जांच की मांग की है.
फिलहाल तकनीकी रूप से योग्य घोषित तीन एजेंसियों की वित्तीय निविदा खोले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. वहीं, शिकायत के बाद अब JEPC की ओर से जवाब और संभावित कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.
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