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केंद्र की गलत नीतियों के कारण देश महासंकट की स्थिति में पहुंचा - सुप्रियो भट्टाचार्य

झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया.
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Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने रमजान, सरहुल और चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश आज केंद्र की गलत नीतियों के कारण महासंकट की स्थिति में पहुंच गया है.

 

विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई को मानवीय सभ्यता पर काला धब्बा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में अमेरिका के साथ बढ़ते रिश्तों के कारण देश अमेरिकी प्रभाव में आकर कमजोर हुआ है.

 

उन्होंने दावा किया कि केंद्र की विफल विदेश नीति के कारण मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में करीब ढाई करोड़ भारतवंशी फंसे हुए हैं और एयर रूट ठप होने से वे वापस नहीं आ पा रहे हैं. खासकर ईद के मौके पर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मुसलमान घर नहीं लौट पा रहे हैं और सरकार उन्हें वापस लाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है. 

 

घरेलू मोर्चे पर उन्होंने सरकार को पूरी तरह विफल बताया. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम और कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कोयला निजी कंपनियों को दे दिया और अब उसके दाम बढ़ा दिए गए हैं. 

 

उन्होंने मांग की कि कोल इंडिया को कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए. साथ ही केंद्र सरकार राज्य सरकार को तय मात्रा में कोयला उपलब्ध कराए ताकि पीडीएस के माध्यम से इसे घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके.

 

उन्होंने कहा कि कोयले की कीमत बढ़ने से थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर बिजली की दरों पर पड़ेगा. उन्होंने भाजपा सरकार को चुनावी सरकार बताते हुए कहा कि 29 अप्रैल तक चुनाव के कारण पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इनमें भारी बढ़ोतरी की जाएगी, जिससे बड़े कॉरपोरेट समूहों को फायदा होगा.

 

राजनीतिक आरोपों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के पास मुद्दों की कमी है, इसलिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भाजपा लगातार हिंदू खतरे में जैसे मुद्दे उठाती रही है. आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथियों, जिनमें कांग्रेस और ममता बनर्जी शामिल हैं, के साथ बातचीत जारी है और इसी कारण उम्मीदवारों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री को कड़ा जवाब देने की क्षमता केवल हेमंत सोरेन में है.

 

 

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