Hazaribagh: चौपारण थाना क्षेत्र के करमा पंचायत अंतर्गत अशनाचुवां गांव में हिस्से की जमीन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पीड़िता शांति देवी, पति हुलास यादव ने चौपारण थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर 15 नामजद एवं तीन अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमला, मारपीट, छेड़छाड़, घर में तोड़फोड़ और हत्या की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता ने मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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थाना को दिए आवेदन में शांति देवी ने बताया कि वह ग्राम अशनाचुवां, पंचायत करमा की निवासी हैं और वर्तमान में करमा गांव में रहती हैं. उन्होंने बताया कि करमा मौजा के खाता संख्या-46, प्लॉट संख्या-91 में कुल 26 डिसमिल जमीन में उनका 8 डिसमिल हिस्सा है. आरोप है कि इसी हिस्से की जमीन को हड़पने की नीयत से उनके गोतिया अजय यादव, सिंटू यादव, संदीप यादव, रामसेवक यादव, रोहन यादव, बाली यादव, मंजू देवी, मीना देवी, सोनी देवी, रूपा देवी, भुनेश्वरी देवी, राधा देवी, सीमा देवी, उषा देवी, गुड़िया देवी तथा तीन अज्ञात लोगों ने सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया.
आवेदन के अनुसार, 25 जून 2026 की शाम करीब सात बजे वह अपने पति के साथ बरही न्यायालय से घर लौट रही थीं. घर पहुंचते ही सभी आरोपित उनके दरवाजे पर पहुंचे और अभद्र गाली-गलौच करने लगे. आरोप है कि सभी के हाथों में लाठी-डंडा एवं धारदार हथियार थे और वे दंपती की हत्या करने की नीयत से आए थे.
पीड़िता का आरोप है कि अजय यादव और सिंटू यादव ने तलवार से उन पर हमला करने का प्रयास किया. जब उनके पति हुलास यादव बचाव के लिए आगे आए तो उनके सिर पर तलवार से वार कर दिया गया, जिससे उनका सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
शांति देवी ने आवेदन में कहा है कि जब वह घायल पति को उठाने का प्रयास कर रही थीं, तभी संदीप यादव ने उनके कपड़े पकड़कर खींच दिए, जिससे उनके वस्त्र खुल गए और उनकी लज्जा भंग हुई. उन्होंने बताया कि घटना के दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई तथा पत्थर से नाक पर वार किया गया, जिससे नाक के नीचे गंभीर चोट आई और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है.
पीड़िता ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने तत्काल डायल-100 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जिसके बाद दोनों की जान बच सकी. इसके बाद दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण में भर्ती कर इलाज कराया गया. जहाँ प्राथमिक ईलाज के डॉक्टरों ने बेहतर ईलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया है.
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि मारपीट के दौरान आरोपितों के हाथ से एक धारदार लोहे का हथियार (तरछई) एवं एक तलवार छीनकर उन्होंने अपने घर में सुरक्षित रख ली है. साथ ही आरोप लगाया गया है कि जब वे इलाज के लिए अस्पताल गए हुए थे, उसी दौरान आरोपितों ने उनके घर की खिड़की, दरवाजे एवं अन्य सामान को क्षतिग्रस्त कर दिया.
शांति देवी ने थाना प्रभारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी नामजद एवं अन्य आरोपितों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. वहीं शांति देवी के पती हुलाश यादव ने मुखिया प्रतिनिधि सह विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव पर थाना मे आवेदन दबा देने और नामजद लोगों पर एकतरफा पछ लेने का आरोप लगाया है.
इस संबंध मे थाना प्रभारी पंकज कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया की उक्त लोगों पर धारा 144 का उलंघन और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है.
इस संबंध मे मुखिया प्रतिनिधि सह विधायक प्रतिनिधि से बात करने पर उन्होंने बताया की मेरे ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद है. इनलोगों का आपसी जमीनी विवाद चल रहा है. हमने दोनों पक्ष को आपस मे बैठकर मामला सुलझाने के लिए कहा भी था.
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